PLGA Battalion , जगदलपुर। बस्तर में नक्सल विरोधी कार्रवाई के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। जानकारी मिल रही है कि नक्सलियों की सबसे घातक PLGA बटालियन नंबर-1 का कमांडर बारसे देवा जल्द ही सरेंडर कर सकता है। देवा को बस्तर में खूनी वारदातों का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है। वह कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है।

CRIME : क्वार्टर में खून से लथपथ मिली फॉरेस्ट गार्ड की पत्नी की लाश, इलाके में फैली दहशत

सुरक्षा बलों ने बनाया सुरक्षित रास्ता, जल्द हो सकता है सरेंडर

सूत्रों के मुताबिक बारसे देवा जंगल से बाहर आने के लिए रास्ता तलाश रहा था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने सुकमा क्षेत्र में उसके लिए सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया है, जिससे वह बिना किसी खतरे के आत्मसमर्पण कर सके। माना जा रहा है कि सरकार से बातचीत के बाद देवा किसी भी दिन औपचारिक रूप से हथियार डाल सकता है।

PLGA बटालियन नंबर-1 पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर

बारसे देवा नक्सलियों की सबसे खतरनाक मिलिट्री विंग बटालियन नंबर-1 का प्रमुख चेहरा है। इलाके में कई बड़े हमले इसी विंग के जरिए अंजाम दिए जाते रहे हैं। यदि यह सरेंडर होता है, तो सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बटालियन नंबर-1 की ताकत लगभग निष्क्रिय हो जाएगी। इससे बस्तर में नक्सली नेटवर्क को भारी झटका लगेगा।

हिड़मा को भी बड़ा नुकसान, रणनीति तंत्र बिखरने की आशंका

हिड़मा को नक्सली संगठन में सबसे खतरनाक और रणनीतिक कमांडर माना जाता है। बारसे देवा उसके साथ वर्षों से जुड़ा रहा है और कई खूनी घटनाओं में हिड़मा का दाहिना हाथ बताया जाता है। देवा के सरेंडर से हिड़मा के नेटवर्क पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नक्सलियों की भविष्य की रणनीतियां भी कमजोर होंगी।

बस्तर में लगातार कमजोर हो रहा नक्सल नेटवर्क

बीते कुछ सालों में सुरक्षा एजेंसियों के दबाव, विकास कार्यों में तेजी और स्थानीय समर्थन में कमी के कारण नक्सली संगठन लगातार कमजोर हुआ है। कई बड़े नक्सली कमांडर पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब यदि बारसे देवा भी हथियार डालता है, तो यह अभियान को और मजबूत करेगा।

सरकार की पुनर्वास नीति अहम भूमिका में

छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि देवा भी इसी नीति के तहत मुख्यधारा में लौटना चाहता है और अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीने की इच्छा व्यक्त कर चुका है।

इलाके में बढ़ी हलचल, पुलिस सतर्क

सुकमा और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा बलों की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करने में लगी है कि सरेंडर प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए। इलाके में इंटेलिजेंस भी सतर्क मोड में है।


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version