Raipur Bhilai ISIS Case : रायपुर, 20 नवंबर 2025 — छत्तीसगढ़ में आतंकवादियों की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने दो नाबालिग युवकों को ISIS नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में चिन्हित किया है। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान स्थित ISIS हेंडलर्स ने इंस्टाग्राम के माध्यम से इन युवाओं से संपर्क किया था।
ATS की कार्रवाई और जांच की जानकारी
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ATS ने मामले में संयुक्त राष्ट्र (UAPA) अधिनियम, 1967 के तहत FIR दर्ज की।
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एजेंसी का कहना है कि इन नाबालिगों के माध्यम से भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
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खुफिया एजेंसियों ने करीब डेढ़ साल से इन युवकों पर निगरानी रखी थी।
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FIR में आरोप है कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भारतीय किशोरों को ISIS से जोड़ा जा रहा था।
नाबालिगों की पहचान और भूमिका
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जिन दो नाबालिगों की पहचान हुई है, उनमें एक रायपुर और दूसरा भिलाई का रहने वाला है।
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इनकी उम्र क्रमशः 16 और 17 साल बताई जा रही है।
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जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले मैसेज और वीडियो संदेश बरामद हुए।
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ATS का कहना है कि ISIS इन नाबालिगों के जरिए आंतरिक जानकारी जुटाने और स्थानीय नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था।
ISIS का छत्तीसगढ़ में नेटवर्क बनाने का प्रयास
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पाकिस्तान स्थित ISIS मॉड्यूल भारत में अस्थिरता फैलाने की योजना बना रहा था।
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यह योजना सोशल मीडिया के माध्यम से किशोरों और युवाओं को कट्टरपंथी विचारों में लाने पर केंद्रित थी।
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ATS ने कहा कि मामले की आगे की कार्रवाई और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच जारी है।
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