नई दिल्ली। आज यानी 22 सितंबर 2025 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और इस तिथि से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि का यह पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना और व्रत रखने का समय माना जाता है।
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शारदीय नवरात्रि में व्रत करने से साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसे अत्यंत पवित्र अवधि माना जाता है, जब मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
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आज के पंचांग अनुसार शुभ योग
आज के पंचांग के अनुसार कई शुभ योग बन रहे हैं। प्रतिपदा तिथि से ही नवरात्रि की शुरुआत होती है, और यह नौ दिनों तक चलती है। इस दौरान श्रद्धालु रोजाना माता के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं।
नवरात्रि की विशेषता
शारदीय नवरात्रि में देवी दुर्गा के शक्ति स्वरूप की आराधना की जाती है। पहले दिन शैलपुत्री की पूजा होती है, जिसे शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। नौ दिनों तक मां के नौ रूपों की पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।
श्रद्धालुओं के लिए संदेश
धार्मिक विद्वानों का कहना है कि नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा की आराधना और व्रत का पालन करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही इस अवसर पर घर और मंदिरों में सजावट, कलश स्थापना और रंगोली बनाना भी शुभ माना जाता है।
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