गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। विकासखंड में बढ़ती ठंड ओर शीतलहर के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। शीत लहर के कारण हाइपोथर्मिया और फ्रास्टबाइट जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है। सभी नागरिकों से निर्देशों का गंभीरता से पालन कर स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने की अपील की गई है। सामुदायिक केन्द्र फिंगेश्वर के डा. वीरेन्द्र हिरौंदिया ने बताया की शीत लहर ऐसी स्थिति है जिसमें हवा का तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है। हवा का दबाव बढ़ जाता है, ठंडी हवाएं चलने लगती है। फ्रास्ट एवं बर्फ जमने लगती है। ठंड के प्रकोप से बचाव के लिए नागरिक गर्म कपड़े पहनें। यदि कपड़े गीले हो जाए तो तुरंत बदलकर सूखे कपड़े पहनें। उन्होंने बताया कि बच्चों और बुजुर्गो को हर समय गर्म रखें, क्योंकि वे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते है। शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए गरम पेय पदार्थो का सेवन करें और पौश्टिक भोजन करें। अगर बाहर काम कर रहे हैं, तो शरीर को सामान्य तापमान पर रखने के लिए बीच बीच में ब्रेक लेते रहें। इन उपायों से ठंड के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। डा. हिरौंदिया ने कहा कि ठंड की लहर के दौरान बिना किसी आवश्यक कार्य के ठंड में बाहर न जाए। शरीर को ठंड से बचाने के लिए पतले या गीले कपड़े बिलकुल न पहनें। ठंड से राहत पाने के लिए आग के बहुत पास न बैठे, क्योंकि वह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर की गर्मी कम करने की प्रक्रिया को भ्रमित कर सकता है। यदि किसी हिस्से में फ्रास्टबाइट होने पर उस हिस्से को कदापि न रगड़ें, बल्कि तुरंत डाक्टर की सलाह लें।
