
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उमाशंकर नवरत्न ने बताया कि अभियान के प्रारंभिक 15 दिनों में पूर्व में आयोजित निक्षय निरामय अभियान से छूटे हुए उच्च जोखिम समूह के व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद सभी की एक्स-रे जांच कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर और उप स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को जांच एवं उपचार की सुविधा दी जाएगी। अभियान के दौरान जेल, खदान, क्रशर, ईंट भट्ठा, उद्योग और राइस मिल जैसे क्षेत्रों में कार्यरत लोगों का भी चिन्हांकन कर उनकी जांच और उपचार किया जाएगा। इस व्यापक अभियान में विभिन्न शासकीय विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही लोगों को “निक्षय मित्र” बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में जिला चिकित्सालय परिसर में शिवम नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संगोष्ठी एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला क्षय अधिकारी डॉ. ए.के. हुमने ने टी.बी. के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. वाय.के. धु्रव, जिला क्षय अधिकारी डॉ. अमन कुमार हुमने, डीएचओ डॉ. लक्ष्मीकांत जांगड़े, चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. रेड्डी, डीपीएम गनपत नायक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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