गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। इन दिनों फिंगेश्वर अंचल में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। क्षेत्र में रेत, मुरूम और फर्शी पत्थर जैसे खनिजों का मनमाने ढंग से उत्खनन किया जा रहा है और मुख्य मार्गों से दिन-रात 24 घंटे बिना किसी भय के खुलेआम परिवहन जारी है। हालात ऐसे हैं कि यह पूरा अवैध कारोबार प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े इस धंधे में भारी आर्थिक लाभ होने के कारण माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
यही वजह है कि कई शासकीय कार्यालयों और थानों के सामने से भी बेधड़क खनिजों का परिवहन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब वे राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी देने जाते हैं, तो अक्सर यह कहकर टाल दिया जाता है कि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं है, इसलिए कार्रवाई संभव नहीं है। वहीं, इस बड़े स्तर के अवैध कारोबार में सफेदपोश लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की आशंका के चलते लोग खुलकर शिकायत करने से भी डर रहे हैं।
स्थिति यह है कि आम ग्रामीणों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधि भी खनिज माफियाओं के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने से कतराने लगे हैं। क्षेत्र में माफियाओं की बढ़ती दादागिरी के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर फिंगेश्वर जनपद पंचायत अध्यक्ष इन्द्राणी साहू एवं उपाध्यक्ष सतीश यादव ने जनपद परिसर में जनपद सदस्यों के साथ चर्चा की। उन्होंने बताया कि सभी सदस्यों के साथ मिलकर एसडीएम राजिम, जिला कलेक्टर गरियाबंद एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया गया है।
अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर फिंगेश्वर विकासखंड में अवैध उत्खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो जनपद के सभी सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन तथा धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की बाढ़ आ गई है, जिससे गांव-गांव के लोग परेशान हैं और इसका सीधा असर पंचायत प्रतिनिधियों पर भी पड़ रहा है। माफियाओं की बढ़ती दबंगई के चलते आमजन का जीना मुश्किल हो गया है।
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएं, क्योंकि आधी-अधूरी कार्रवाई से माफिया और अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का मनोबल टूटता है। इस दौरान जनपद परिसर में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कई जनपद सदस्य मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।
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