गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। आज गरियाबंद स्थित सर्किट हाउस (विश्राम गृह) में सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख पदाधिकारी, विभिन्न समाज प्रमुखों एवं सरपंच संघ के समस्त प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के माननीय अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जाधारी रूप सिंह मंडावी से सौजन्य भेंट कर क्षेत्र से जुड़े कई गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दों को उनके समक्ष रखा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन भी आयोग अध्यक्ष को सौंपा।
बैठक के दौरान प्रमुख रूप से आदिवासी क्रीड़ा परिसर में वर्तमान में संचालित 100 सीटों को बढ़ाकर 150 सीट करने की मांग रखी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली आदिवासी युवा खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण कई योग्य खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। सीटों में वृद्धि से न केवल आदिवासी युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, बल्कि जिले का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन होगा।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने 165/ख एवं 170/ख भूमि विवाद के शीघ्र निराकरण की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। बताया गया कि यह भूमि विवाद लंबे समय से लंबित है, जिससे कई आदिवासी परिवारों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इसका समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में असंतोष की स्थिति और गहरी हो सकती है।
वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र आदिवासी परिवारों को शीघ्र पट्टा वितरण की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। प्रतिनिधियों ने बताया कि कई गांवों में वर्षों से आवेदन लंबित हैं, जिससे आदिवासी परिवार अपने अधिकारों से वंचित हैं। इसके साथ ही आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचारों पर सख़्त और प्रभावी कार्रवाई की भी मांग रखी गई। समाज के नेताओं ने कहा कि कई मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनता है।
सभी गणमान्य सरपंचों, समाज प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से अपनी मांगों को आयोग अध्यक्ष श्री मंडावी के समक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी विषय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आदिवासी समाज के सम्मान, सुरक्षा और विकास से जुड़े हुए हैं।
सर्किट हाउस में आयोजित इस मुलाक़ात के दौरान रूप सिंह मंडावी ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सभी मांगों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
इस मुलाक़ात को लेकर आदिवासी समाज एवं सरपंच संघ में सकारात्मक वातावरण देखा गया और प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा।

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