सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस के विस्तार को लेकर बुधवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचे पुलिस बल और ग्रामीणों के बीच जमकर पथराव हुआ।
इस झड़प में एएसपी अमोलक सिंह, धौरपुर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह समेत करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं पत्थरबाजी में दर्जनभर ग्रामीणों को भी चोट आई है। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया। थाना प्रभारी अश्वनी सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें अंबिकापुर रेफर किया गया है।
यह घटना लखनपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार SECL ने 2001 में परसोढ़ी गांव की जमीनें अधिगृहीत की थीं, लेकिन ग्रामीण अब भी खदान विस्तार का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि न उन्हें पूरा मुआवजा मिला और न नौकरी का वादा पूरा हुआ। मात्र 19% किसानों ने ही मुआवजा लिया है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।
बुधवार सुबह करीब 500 जवानों के साथ प्रशासन जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचा तो हालात तनावपूर्ण हो गए। दोनों पक्षों की ओर से पत्थर चलाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन जबरदस्ती कब्जा दिलाने की कोशिश कर रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण उत्खनन कार्य में बाधा पैदा कर रहे हैं और उन्हें समझाइश दी जा रही है।
SECL की ओर से खदान संचालन एक निजी कंपनी LCC कर रही है, जिसे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी अधिकारियों की मदद से उनकी जमीन हड़पना चाहती है।
इस विवाद पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि ग्रामीण खदान नहीं चाहते, तो वह नहीं खुलेगी। वहीं राज्य के पूर्व अजजा आयोग अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है। स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस घटनास्थल पर तैनात है।
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