Ring of Fire नई दिल्ली। फरवरी 2026 का महीना खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं होने वाला है। 17 फरवरी 2026, मंगलवार को आसमान में एक ऐसा नजारा बनने जा रहा है, जिसे देखकर दुनिया हैरान रह जाएगी। इस दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा, लेकिन यह ग्रहण साधारण नहीं होगा। यह होगा वलयाकार सूर्य ग्रहण, जिसे रहस्यमयी नाम दिया गया है— ‘रिंग ऑफ फायर’।
23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’, छत्तीसगढ़ जुटेंगे देशभर के साहित्यकार
आसमान में बनेगी आग की अंगूठी
ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा। लेकिन एक छोटा-सा हिस्सा ऐसा होगा, जो पूरी तरह ढकने से बच जाएगा। यही बचा हुआ हिस्सा सूर्य को एक चमकती हुई आग की अंगूठी में बदल देगा। कुछ ही मिनटों के लिए आसमान में यह दृश्य ऐसा लगेगा, मानो सूर्य ने स्वयं आग का मुकुट पहन लिया हो। यह रहस्यमयी नजारा करीब 2 मिनट 20 सेकंड तक दिखाई देगा।
एक ही दिन दो बड़ी घटनाएं
इस खगोलीय घटना को और भी खास बनाती है एक और बात—जिस दिन यह सूर्य ग्रहण लगेगा, उसी दिन चीनी चंद्र नव वर्ष (Chinese Lunar New Year) भी मनाया जाएगा। यानी दुनिया के कई हिस्सों में एक साथ पर्व और प्रकृति का अद्भुत खेल देखने को मिलेगा।
ग्रहण का समय जानिए
-
शुरुआत: शाम 5 बजकर 26 मिनट
-
समापन: शाम 7 बजकर 57 मिनट
भारत में क्यों नहीं दिखेगा यह रहस्य?
भारतीय खगोल प्रेमियों के लिए यह खबर थोड़ी निराश करने वाली है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां आसमान में इसका कोई दृश्य प्रभाव नजर नहीं आएगा।
दुनिया के किन हिस्सों में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’?
यह रहस्यमयी सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से पृथ्वी के दक्षिणी हिस्सों में दिखाई देगा।
-
प्रमुख देश: दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, चिली, तंजानिया, नामीबिया, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक, मेडागास्कर और बोत्सवाना
-
अन्य क्षेत्र: अंटार्कटिका, मॉरीशस, दक्षिणी जॉर्जिया, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र और फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र
क्या है वलयाकार सूर्य ग्रहण का रहस्य?
वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्रमा जब पृथ्वी से थोड़ा दूर होता है, तो वह आकार में छोटा दिखाई देता है। ऐसे में जब वह सूर्य के सामने आता है, तो उसे पूरी तरह ढक नहीं पाता। नतीजा—सूर्य का किनारा आग के छल्ले की तरह चमकने लगता है। यही वह क्षण होता है, जब आसमान में बनता है रहस्यमयी ‘रिंग ऑफ फायर’।
17 फरवरी 2026 को भले ही यह नजारा भारत में न दिखे, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण लोगों के लिए रोमांच, कौतूहल और रहस्य से भरा अनुभव बनने वाला है।
There is no ads to display, Please add some


