पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने गुरुवार को बिहार बंद का आह्वान किया। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस बंद का राज्यभर में व्यापक असर देखने को मिला। 12 से अधिक जिलों में एनडीए कार्यकर्ताओं ने प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर दिया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस दौरान कई जगहों पर बंद समर्थकों और आम नागरिकों के बीच झड़प और बदसलूकी की खबरें भी सामने आईं।
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प्रमुख घटनाएं और हंगामा
- 12 जिलों में सड़क जाम: बंद समर्थकों ने पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, जहानाबाद, गया, दरभंगा, औरंगाबाद और पूर्णिया सहित कम से कम 12 जिलों में सड़कों पर टायर जलाकर और धरने पर बैठकर यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया। राजधानी पटना के डाक बंगला चौराहे पर बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
- भागलपुर में बदसलूकी: भागलपुर में एक दंपति को बंद के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। अपनी निजी कार से जा रहे एक पति-पत्नी को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। रास्ता खोलने को लेकर हुई बहस में बंद समर्थकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग दंपति को धमकाते हुए दिख रहे हैं।
- जहानाबाद में युवक से मारपीट: जहानाबाद में बंद के दौरान एक युवक को पीट दिया गया। युवक ने जब बंद समर्थकों से रास्ता देने की गुहार लगाई तो वे हिंसक हो गए और उसकी पिटाई कर दी। युवक को हल्की चोटें आई हैं।
- एंबुलेंस रोकने का आरोप: विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक गर्भवती महिला की एंबुलेंस को अस्पताल जाने से रोका। हालांकि, बीजेपी नेताओं ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन वाहनों को बंद से बाहर रखा था।
विरोध का कारण
यह बंद कांग्रेस और RJD के ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दरभंगा में एक सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में किया गया था। एनडीए का आरोप है कि इस तरह की भाषा से देश भर की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं, खासकर माताओं का अपमान हुआ है।
एनडीए नेताओं ने दावा किया कि बंद शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कई जगहों से आई हिंसा की खबरों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंद का आह्वान सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए किया गया था। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर अतिरिक्त बल तैनात किया था।
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