प्रदेश अध्यक्ष जगनिक यादव की दो टूक चेतावनी— सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, अब अनदेखी नहीं चलेगी
बिलासपुर (गंगा प्रकाश)। यादव महासम्मेलन के मंच से झेरिया यादव समाज ने अपने अधिकारों को लेकर ऐसा सामाजिक-राजनीतिक शंखनाद किया, जिसकी गूंज सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक समान रूप से सुनाई दी। सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विपक्ष के विधायक रामकुमार यादव की मौजूदगी में ही समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगनिक यादव ने सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों को सीधी और स्पष्ट चेतावनी दी।
जगनिक यादव ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि यादव समाज अब किसी भी दल की मजबूरी या चुनावी गणित का हिस्सा नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि दशकों से यादव समाज की संख्या, श्रम और सामाजिक योगदान के बावजूद उसे सत्ता के वास्तविक केंद्रों से दूर रखा गया। अब यह स्थिति बदलेगी।
विपक्ष की मौजूदगी में दो टूक संदेश
मुख्य अतिथि विधायक रामकुमार यादव की उपस्थिति में दिए गए इस संबोधन ने सम्मेलन को और अधिक राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बना दिया। जगनिक यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यादव समाज सत्ता पक्ष से सवाल करता है, तो विपक्ष से भी उतनी ही जवाबदेही की अपेक्षा रखता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर रहते हुए समर्थन मांगना और सत्ता में आने पर समाज को भूल जाना—यह राजनीति अब स्वीकार नहीं होगी।
“यादव समाज अब न सत्ता पक्ष की उपेक्षा सहेगा, न विपक्ष की अवसरवादी राजनीति। हमें अधिकार चाहिए, आश्वासन नहीं।” — जगनिक यादव
सत्ता पक्ष को स्पष्ट चेतावनी
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार सामाजिक न्याय की बात करती है, तो उसे यादव समाज को नीति निर्धारण, प्रशासनिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में वास्तविक स्थान देना होगा। केवल योजनाओं की घोषणा या मंचीय सम्मान अब समाज को भ्रमित नहीं कर सकता।
विपक्ष के लिए भी साफ संदेश
विपक्ष को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यादव समाज केवल सत्ता विरोध की आवाज नहीं, बल्कि सत्ता निर्माण की निर्णायक शक्ति है। यदि विपक्ष भी यादव समाज को केवल चुनावी समर्थन तक सीमित रखेगा, तो समाज अपने राजनीतिक विकल्पों पर स्वतंत्र निर्णय लेने में देर नहीं करेगा।
एकजुटता और भविष्य का संकल्प
महासम्मेलन में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक साझा रोडमैप प्रस्तुत किया गया। युवाओं और समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया गया कि वे संगठित रहकर यादव समाज को आने वाले समय में राजनीतिक दिशा तय करने वाली शक्ति बनाएं।
स्पष्ट संकेत
मुख्य अतिथि विधायक रामकुमार यादव की मौजूदगी में दिया गया यह संदेश यह स्पष्ट करता है कि यादव समाज अब किसी एक दल विशेष के साथ बंधा नहीं है। यह सम्मेलन केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि सत्ता की राजनीति को नई शर्तों पर चुनौती देने वाला घोषणापत्र साबित हुआ।
यादव महासम्मेलन से उठा यह स्वर साफ है—जो यादव समाज की आवाज को नजरअंदाज करेगा, आने वाले समय में राजनीतिक परिणाम भी उसी के अनुरूप होंगे।
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