गरियाबंद/राजिम (गंगा प्रकाश)।एकाएक यू टर्न लिए मौसम ने हल्की फुल्की रिमझिम बारिश के साथ ठंड को एकदम से बढ़ा दिया है। आज मंगलवार की सुबह से हो रही रिमझिम बारिश से मौसम ने करवट ली और तापमान एकदम गिर गया। आज सूर्य देवता के दर्शन भी नहीं हुए। ठंडी हवा के साथ ठिठुरन बढ़ गई है। बाजार में भीड़ कम है। लोगों के स्वेटर-मफलर, कोर्ट, जर्सी बाहर निकल गए है। लोग गरम कपड़ों एवं मंकी टोपी में नजर आने लगे। इस मौसम परिवर्तन से किसान काफी परेशान एवं दुविधा में आ गए है। खेतों में धान कटाई, धान मिसाई, करपा, बीड़ा सब बिखरा पड़ा है। इन दिनों चारों तरफ ग्राम्यांचल में सिर्फ धान का ही काम चलने से प्रत्येक किसान इस असामाजिक वर्षा से पीड़ित है। किसानों को वर्षा से अपने धान को बचाने के लिए जी जान लगानी पड़ रही है। किसानों भाग भागकर धान बचाने के लिए तापपत्री, झिल्ली की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इस अनचाही वर्षा ने क्षेत्र के सभी 10 धान खरीदी केन्द्रो बेलर, परसदाकला, फिंगेश्वर, बारूला, भसेरा, पोलकर्रा, जामगांव, गुण्डरदेही, चरौदा एवं बोरसी में खरीदे गए धान की सुरक्षा में कर्मचारी जुट गए है। सरकारी बैंक के सुपरवाइजर टी. आर. साहू ने कहा कि सभी केन्द्रों में बरसात की संभावना के चलते धान के ढ़ेरो को कैसे ढांक दिया गया है। यथासंभव बरसात से धान को नुकसान न हो इसके प्रयास किए जा रहे है। धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने आए कृषकों ने अपने धान को ढेर लगा दिया परंतु वर्षा होने से किसानों के समक्ष अपने धान के ढेर लगा दिया परंतु वर्षा होने से किसानों के समक्ष अपने धान के ढेर को वर्षा से बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है। मौसम के तेवर देखते हुए लग रहा है कि अभी 2-4 दिन मौसम का नजारा वर्षा की संभावना का बना रहेगा। कृषकों को फिलहाल धान को खुले में न रखने, मिजाई-कटाई का काम रोकने एवं अभी 2-3 दिन जब तक मौसम खुल नहीं जाता धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने जाने से बचाना चाहिए। फिंगेश्वर अंचल में आग दिनभर रह रहकर लगातार रिमझिम बारिश हो रही है। ठंड के कारण लोग चौक चौराहों में अलाव जलाने की मांग नगर पंचायत से कर रहे है।
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