गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर श्री संतोष शर्मा के निर्देश पर तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री यशवंत वासनीकर तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री प्रशांत कुमार देवांगन एवं विधिक सह परिविक्षा अधिकारी किशोर न्याय बोर्ड श्री शरदचंद निषाद की उपस्थिति में जिला जेल गरियाबंद में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जेल अधीक्षक श्री हितेन्द्र ठाकुर उपस्थित रहे।
साक्षरता शिविर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री यशवंत वासनीकर ने बताया कि जिला जेल में निरूद्ध बंदियों को अपने प्रकरण के विचारण हेतु गरीबी स्थिति के कारण अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर पाने की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता न्यायालय द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा उन्होंने जेल में निरूद्ध बंदियों को उनके अधिकारों के संबंध में बताया। न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड/न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी श्री प्रशांत कुमार देवांगन प्रधान द्वारा जेल में निरूद्ध बंदियों को समझाईश देते हुए अपराध की पुनर्रावृत्ति नहीं करने का संकल्प दिलाया एवं बंदियों को जेल नियमावली के अनुसार अनुशासन में रहने को कहा। श्री शरदचंद निषाद द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत लिपकिय त्रुटी वश जो आरोपी 18 वर्ष से कम उम्र के हैं और उन्हें जेल में निरूद्ध किया गया है, ऐसे आरोपी अगर जेल में निरुद्ध हैं, तो जेल अधीक्षक/संबंधित न्यायालय/जेल निरीक्षण समिति जो प्रत्येक त्रैमास में जेल का निरीक्षण करती है उन्हे अवगत करा सकते हैं ताकि उन्हें जेल में न रखकर बाल सम्प्रेक्षण गृह भेजा जा सके की जानकारी दी गई।
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