बेमेतरा (गंगा प्रकाश)। आज नेशनल लोक अदालत को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गयी, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधीन में आयोजित बेमेतरा कुटुम्ब न्यायालय में कुल २२ प्रकरणों का निपटारा हुआ, जिनमें से पांच मामले में दंपत्तियों को एक साथ सुलह-समझौता कर भेजा गया। इन पांचों प्रकरणों में दम्पत्तियों के मध्य लम्बे समय से लड़ाई-झगडा, विवाद चल रहा था तथा इसी कारण वे पृथक-पृथक निवास कर रहे थे, उन्हें समाजिक स्तर पर भी समझाईश दी गयी थी, किन्तु कोई परिणाम नहीं निकला। एक प्रकरण में तो आवेदिका महिला गर्भवती थी। एक अन्य मामले में एक पुत्री ने अपने पिता के विरूद्ध भरण-पोषण का मामला पेश की थी तथा एक मामले में एक विकलांग पिता अपने पुत्रों के विरूद्ध भरण-पोषण का मामला पेश किया गया था। सभी मामलों में दोनों पक्षों को परिवार की महत्ता समझाते हुए उन्हें एक-दूसरे का सहारा बनने का बोध कराते हुए दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कराया गया। सभी प्रकरणों में न्यायाधीश श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल द्वारा विशेष प्रयास किया गया तथा पांचों दम्पत्तियों के मध्य लड़ाई-झगड़े, विवाद को समाप्त कर उन्हें एक नारियल, तुलसी का पौधा व दोनों दम्पत्तियों को विवाह के बाद पति-पत्नी का दायित्व एवं सात वचन के महत्व को समझाते हुऐ सप्तपदी के सात वचन की प्रतिलिपि भेंट दी गयी तथा पति-पत्नी द्वारा एक-दूसरे का माला पहनवाकर एवं मिठाई खिलाकर अच्छा जीवन जीने की शुभकामनाएं देकर विदा किया गया। इस पूरी प्रयास के दौरान परिवार न्यायालय के न्यायाधीश श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल के साथ साथी अधिवक्ता लालबहादुर शर्मा एवं श्रीमती पी. राजेश्वरी उपस्थित थे एवं परिवार न्यायालय के समस्त स्टाफ भी इस सुखद पल के साक्षी बने।
There is no ads to display, Please add some



