सिस्टम सरकार बनाने में व्यस्त इसलिए खुले पड़े है ओडिसा से धान आवक को रोकने वाले ज्यादातर चेक पोस्ट से कर्मी नदारद,मौके का फायदा उठाने बड़े कारोबारी भी मैदान में।

उरमाल अमलीपदर इलाके में 40 ट्रक से ज्यादा खेप पहुंच गया ओडिसा का धान।

   
प्रकाश कुमार यादव
गरियाबंद(गंगा प्रकाश )।
सरकारी धान खरीदी शुरु हुए एक माह बीतने को है और केन्द्रों में आवक शुरु हो गई है। लेकिन खरीदी केन्द्रों में निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने अब तक कोई दल गठित नहीं किया है। इसके चलते सीमा के गांव और केन्द्रों में ओडिशा का धान बेखौफ पहुंच रहा है वहीं गड़बड़ियां भी शुरु हो गई है।बावजूद इसके जिले में निगरानी के लिए कोई मॉनीटरिंग टीम का गठन नहीं किया है। हालांकि बैंक अधिकारी लगातार निरीक्षण करने का दावा करते औपचारिकता भर निभाते नजर आ रहे हैं।इसके चलते ओडिशा सीमा से लगे केन्द्र और गांवों में बड़ी मात्रा में धान डंप हो रहे हैं वहीं खरीदी के दौरान गड़बड़ियां की खबरें भी आ रही है।बता दे की 17नवंबर को होने वाले चुनाव को सफल और शांति पूर्ण निपटाने प्रशासन पूरी ताकत झोंक दिया है।यही वजह है की ओडिसा सीमा पर धान की तस्करी रोकने लगाए गए ज्यादाते चेक पोस्ट खुला छोड़ दिए गए हैं।जिन पंचायत कर्मियो को देख रेख की जवाबदारी मिली भी है उनसे कारोबारियों की सीधी साठ गांठ है।अफसरों को रिपोर्टिंग कर ड्यूटी में तैनाती दिखाते हैं पर पोस्ट में नदारद रहते है।हमने मिलीभगत की हकीकत जानने पड़ताल शुरू किया।शाम 4 बजे से 8 बजे के बीच चेकपोस्ट मगरोड़ा ,उरमाल और बीरीघाट तक पंहुचे।ये तीनो चेक पोस्ट पर पड़ने वाले रास्ते ओडिसा नवरंगपुर जिले के चंदाहांडी  ब्लॉक को जोड़ती है।तीनो का बेरियर खुला मिला।उरमाल में हमने एक घंटा समय बिताया।शाम 5 से 6 बजे के बीच इस रास्ते से ओडिसा पासिंग कई  धान से लोड पिकअप पार होता दिखा।रात 10 बजे से 2 बजे के बीच बिरीघाट पोस्ट से पिकअप के अलवा बड़ी ट्रक भी पार हो रहे हैं।हम इस पोस्ट पर रात 8 बजे तक रुके रहे।बाइक सवार कई संदेही मुह में कपड़ा बांधे आवाजाही करते दिखे। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया की इस साल बीरीघाट नदी पर ओडिसा सरकार द्वारा पुल बना दिया गया है।रात भर भारी वाहनों की आवाजाही होती है।प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक इसमें बड़ी ट्रक भी होते हैं।

खलिहानों से खरीदी होती है

मगररोड़ा चेक पोस्ट पार कर जब हम ओडिसा पहुंचे तो वहा उरमाल चेक पोस्ट मार्ग को जोड़ने वाले मोहरा घाट के नजदीक एक खलिहान में धान की तौल हो रही थी।खलिहान के नजदीक सीजी पासिंग एक आइचर खड़ी मिली।जो आसपास इलाके में धान लोड कर रहा था।पड़ताल में पता चला की उरमाल में एक कारोबारी ओडिसा से खरीदी करता है।जबकि अमलीपदर में ओडिसा का एक नामी कारोबारी रोजाना ट्रके भर कर धान स्थानीय कारोबारी को सप्लाई कर रहा है।बिरिघाट चेक पोस्ट में 4 ट्रको के सहारे धान की तस्करी हो रही है।एक अनुमान के मुताबिक पिछले 20 दिनो में 60 से ज्यादा खेप ट्रक से और इससे ज्यादा खेप पिकअप से ओडिसा का धान इन इलाकों में पहुंच गया है।आधा से ज्यादा धान किसानों के घर पर डंप हो चुका है तो 40 फीसदी धान तस्करी से जुड़े कारोबारियों के अलग अलग ठिकानों में डंप पड़ा है।

घर पहुंच सेवा 2हजार में

ओडिसा में 1700 रुपए प्रति क्वी के दर से धान को खरीदी हो रही है,जिसे 2हजार प्रति क्वी के दर से घर पहुंच सेवा दिया जा रहा है।इस बार अल्प वर्षा के चलते धान का उत्पादन प्रभावित है।इस साल प्रति एकड़ 20 क्वी तक खरीदी किया जाना है, ऐसे में मात्रा की पूर्ति के लिए ओडिसा के धान की भारी मांग है।चुनाव में व्यस्त अफसरों के इस अवसर को भुनाने में बिचौलिए के साथ कारोबारी जम कर भिड़े है।पिछले बार की तुलना अच्छी मांग और किफायती कीमत मिलने के कारण कारोबारी इस अवैध कारोबार में रोड़ा बनने वालो को मूंह मांगा कीमत भी दे रहे हैं।


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version