NH-130C पर बुढ़गेलटप्पा घाटी के समीप ट्रक से आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत, बोलेरो के उड़े परखच्चे, वन विभाग में शोक की लहर
देवभोग/गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-130C पर बुधवार शाम हुआ एक भीषण सड़क हादसा पूरे वन विभाग के लिए गहरे सदमे की खबर बन गया। गरियाबंद मुख्यालय से विभागीय कार्य पूर्ण कर देवभोग लौट रही वन विभाग की सरकारी बोलेरो बुढ़गेलटप्पा घाटी के समीप सामने से आ रहे एक ट्रक से इतनी जोरदार तरीके से टकराई कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसा इतना भयावह था कि देवभोग वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अश्वनी दास मुरचुलिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार नौ अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार वन विभाग का दल विभागीय कार्य के सिलसिले में गरियाबंद मुख्यालय गया हुआ था। कार्य समाप्त होने के बाद सभी अधिकारी-कर्मचारी सरकारी बोलेरो से देवभोग लौट रहे थे। शाम के समय ध्रुवागुड़ी और बुढ़गेलटप्पा घाटी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-130C पर सामने से आ रहे एक भारी वाहन (ट्रक) से बोलेरो की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण, राहगीर, पुलिस और सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस एवं अन्य वाहनों की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवभोग पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद रेंजर अश्वनी दास मुरचुलिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य नौ घायलों का उपचार शुरू किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासनिक अमले के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल एवं घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। हादसे की खबर फैलते ही वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक रेंजर अपने शांत स्वभाव, कार्यकुशलता और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके आकस्मिक निधन से विभाग ने एक अनुभवी अधिकारी खो दिया है।
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दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-130C पर कुछ समय तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात बहाल कराया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग-130C पर भारी वाहनों की आवाजाही और घाटी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रभावी सुरक्षा उपायों के अभाव में दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रेंजर अश्वनी दास मुरचुलिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
