फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)।यहाँ फिंगेश्वर् स्थित सिद्धि विनायक आश्रम मे जैविक कृषि एवं पंच गव्य विकास ट्रस्ट की पहल पर जैविक कृषि के विकास हेतु सन्त महन्त एवं जैविक कृषि मे रुचि रखने वाले ऐसे बुद्धिजीवियों के मध्य एक चिंतन बैठक सिरकट्टी आश्रम के महन्त गोवर्धन शरण महाराज के मुख्य आतिथ्य व ट्रस्ट के अध्यक्ष व समाज सेवी डाण् चन्द्रशेखर हरित जी अध्यक्षता में दिनांक 20/9/23 को आयोजित की गई थी। सर्वप्रथम सिद्धि विनायक गणपति देव की पूजा अर्चना व जयकारा बाद अतिथियों का अक्षत अबीर से स्वागत पस्चात दृस्ट के अध्यक्ष डाण् हरित जी ने चिन्तन बैठक की भूमिका प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए बताया कि. आज रासायनिक खेती से प्राप्त कृषि उत्पाद धान गेहू फल.फूल साग.सब्जी के उपयोग से जाने अनजाने में बड़ी.बड़ी घातक बिमारियों के साथ ही जमीन धरती माता की सेहत भी बिगड रही है जन स्वास्थ्य पर्यावरण पर गंभीर दुष्परिणाम एवं ष् गौवंश के प्रति घोर उपेक्षा तथा हो रहे विनाश के बावजूद किसानों का रासायनिक खेती में लगातार लगाव की चिंता से ही 1 दिसम्बर 2021 को पँचकोषी गोशाला के फिंगेश्वर् में जैविक कृषि विकास ट्रस्ट की स्थापना की गई है। तभी से इस जैविक कृषि विकास ट्रस्ट द्वारा छेत्र व जिला स्तर पर कीसानों का जैविक कृषि प्रशिक्षकों का आयोजन जैविक ग्राम का चयन उनकी बैठक भेंट मुलाकात के साथ ही अब जैविक कृषि एवं पंचगव्य के विकास हेतु इस विषय को सन्त महन्त एवं बुद्धिजीवियों के माध्यम से प्रचारित करने हेतु चिन्तन बैठक का आयोजन गणेश पक्ष में ऋषि पंचमी के दिन रखा गया है। प्रस्तावना के बाद भागवता चार्य पंडित त्रिभुवन महाराज ने अपने उदबोधन में जैविक कृषि विकास पर संतो द्वारा अपने कथा पुराणों में भी जैविक कृषि विषय पर चर्चा व मार्गदर्शन दिया जावे तो यह समाज हित में एक अच्छा कार्य सिद्ध होगा। उन्होंने संस्था के प्रस्ताव कार्य का पुरजोर समर्थन किया। गायत्री प्रज्ञा परिवार से पधारे भगवत कथा वाचक परमानंद महाराज ने अपने विचार उद्बोधन में कहा कि जैविक कृषि आज की परम आवश्यकता है इसपर यदि किसान थोड़ी बहुत जानकारी लेकर खेती करते है तो इससे उन्हे कम लागत मे अच्छा उत्पादन मिलेगाए नुकसान नही होगा। उन्होंने इस विषय पर समाज के प्रमुखों से भी चर्चा करने की बात कही। चिंतन बैठक मे मुख्य अतिथि के आसंदि से सिरकट्टी धाम के महंत संत गोवर्धन शरण महाराज ने अपने विचार उदबोधन् मे सीधे कहा ष् सुभष्य शीघ्रम ष् याने जैविक खेती देश व समाज के लिए और धरती माता के लिए परम हितकारी है व रक्षाकारी है तो देरी किस बात की है निश्चय ही संत समाज कथा कारों व भागवताचार्यो के भी चिंतन का विषय है और अपने कार्यक्रमो व आयोजनों मे समय देकर जैविक कृषि पर चर्चा व प्रत्यक्ष प्रयोग का कार्यक्रम अवश्य रखना चाहिए उन्होंने प्रथम प्रयोग मे स्वयं के सिरकट्टी धाम मे आयोजित कार्यक्रम दिनाँक 12 अक्टुबर गुरुवार को प्रातरू 9 बजे से 12 बजे तक समय देने की घोषणा कर दी जिसमे छेत्र के सभी किसानो व ट्रस्ट के सभी सदस्यों को निमंत्रण भी दिया महंत जी ने आयोजन के पंपलेट पोस्टर मे भी जैविक कृषि के इस कार्यक्रम के उल्लेख करने की बात कही। मुख्य अतिथि के इस निर्णय व प्रस्ताव का उपस्थित सभी प्रतिभागी ने हर्ष ध्वनि से समर्थन किया। इस कार्यक्रम मे ट्रस्ट के पदाधिकारी बुद्धिजीवी किसान एवं संत उपस्थित थे। अंत मे ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अमृत यदु ने धन्यवाद ज्ञापित किया जबकि कार्यक्रम का संचालन कृपाराम यादव ने किया। अंत मे लो गाव की ओर हमे देश अब बचाना है जैविक कृषि का गीत गाकर सभी गदगद हुए।
बुद्धिजी कृषकों एवं सन्तों के सानिध्य में. जैविक कृषि पर चिन्तन बैठक हुई कथा.पुराणों में जैविक कृषि पर चर्चा व समय देने का प्रस्ताव निर्णय
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