फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। सूचना प्रौद्योगिकी और नई तकनीकों निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी एवं सहभागिता बढ़ा रही है। प्रौद्योगिक में निरंतर विकास का असर निर्वाचन कार्यो पर भी साफ तौर पर देखा जा सकता है। इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए राजिम विधानसभा के रिर्टनिंग अधिकारी एसडीएम धनंजय नेताम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग नई तकनीकों और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग निर्वाचन को और ज्यादा सुगम, निष्पक्ष तथा समावेशी बनाने में कर रहा है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक का जागरूक और सजग रहना जरूरी है। इसे ध्यान में रखकर बीते कई चुनावों में प्रौद्योगिक आधारित प्रणाली विकसित कर उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अब आयोग विभिन्न मोबाईल एप्स विकसित कर नागरिकों को निर्वाचन प्रक्रिया से सीधे जोड़ रहा है। आयोग की इस नई पहल से मतदाता ज्यादा मशक्त होने के साथ ही निर्वाचन तंत्र का सक्रिय सहभागी बन गया है। श्री नेताम ने कहा कि आइए हम कुछ ऐसे प्रमुख मोबाईल एप्स के बारे में जानते है जो आज के दौर में निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की सहभागिता को बढ़ा रही है। सी-विजिल एप के बारे में उन्होंने बताया कि इस एप के जरिए आम नागरिक निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान होने वाली गड़बड़ी की तस्वीर और विडियो को सीधे निर्वाचन आयोग को भेज सकता है। निर्वाचन के दौरान अगर किसी भी नागरिक को यह दिखता है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है तो वह इस एप पर अपनी शिकायत भेज सकता है। शिकायतकर्ता फोन पर सी-विजिल एप्लीकेशन डाउनलोड कर सीधे घटना की फोटो या विडियों अपलोड कर सकते है। मतदाता को रिझाने के लिए पैसे अथवा उपहार वितरण, भड़काऊ भाषण देने, बिना अनुमति बैनर-पोस्टर लगाने, मदिरा वितरण, बिना अनुमति सभाएं करने, अनाधिकृत सामग्री परिवहन, प्रचार के समय की समाप्ति के बाद सभा, मतदान केन्द्र के 200 मीटर के अंदर प्रचार जैसे मामलों की शिकायत इस एप के माध्यम से की जा सकती है। सक्षम मोबाईल एप- इस एप के जरिए दिव्यांग मतदाताओं की निर्वाचन संबंधी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया गया है। आयोग सक्षम एप के रूप में दिव्यांगों के लिए एक वन स्टॉप साधन विकसित किया है। दिव्यांग मतदाता निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं का फायदा उठा सकते है। इस एप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। एप को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए डिजाइन ले-आउट इंटरफेस और सुविधाओं को बेहतर रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि वोटर हेल्पलाइन एप से मतदाता अपना मतदाता परिचय पत्र नम्बर डालकर बहुत ही आसानी से अपनी विधानसभा, पोलिंग बूथ एवं मतदाता सूची में सरल क्रमांक पता कर सकते है। यदि एपिक नंबर नहीं मालूम है तो मतदाता अपना विवरण जैसे की नाम, रिश्तेदार का नाम, उम्र, लिंग एवं विधानसभा क्षेत्र की जानकारी भरकर अपना नाम मतदाता सूची में खोज सकते है। यदि मतदाता का मोबाईल नंबर मतदाता सूची में पंजीकृत है तो मतदाता अपना ई-एपिक भी डाउनलोड कर सकता है। मोबाईल नम्बर रजिस्टर्ड न होने की स्थिति में आवश्यक सुधार के लिए फार्म-8 में आवेदन कर ई-एपिक भी डाउनलोड कर सकता है। इस एप के जरिए मतदाता अपना नाम जोड़ने, विलोपन, स्थानांतरण या संशोधन के लिए आवेदन भी कर सकते है। वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र समेत किसी भी अन्य क्षेत्र के प्रत्याशियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है जिससे मतदाता अपने मताधिकार से पहले इस बात से अवगत हो सके वह किसका चुनाव करने जा रहे है। इसमें प्रत्याशी द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र भी देखा जा सकता है। श्री नेताम ने कहा कि इसके जरिए मतगणना दिवस को विधानसभावार परिणाम की अधिकृत जानकारी भी देखी जा सकती है। इस एप से निर्वाचन संबंधी शिकायत भी की जा सकती है। मतदाताओं की जागरूकता के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के संचालन संबंधी विडियो भी इसमें अपलोड है।

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