गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। एक बार फिर बिड़ोरा-खुड़सा रेत खदान में छापेमारी के बाद भी रेत उत्खनन धड़ल्ले से चैनमाऊटिंग मशीन से शुरू हो गया है। रेत माफिया की सेटिंग एवं मिलीभगत इतनी तगड़ी है कि शुक्रवार 8 दिसंबर को ग्रामीणों की शिकायत एवं अवैध खनन का समाचार जोरदार ढंग से सार्वजनिक होने पर अधिकारियों द्वारा बिड़ोरा-खुड़सा से लगे परसदाकला रेत घाट में छापेमार कार्यवाही कर जंगल में छिपाकर रखे गए चैन माऊटिंग को जब्त कर सील कर दिया, इसके बाद रेत माफिया ने दबंगई के चलते रविवार 10 दिसंबर से फिर इसी जगह पुनः चैन माऊटिंग से खनन एवं परिवहन प्रारंभ कर ग्रामीणों को अंगूठा दिखा रहे है एवं बकायदा फोन में व्हॉटसप के माध्यम से ट्रांसपोर्टरों को रेत लोडिंग की जानकारी एवं रेत लोडिंग की दर 10 चक्का हेतु 2200, 12 चक्का 2700, 14 चक्का 3200 एवं 16 चक्का 3700 तथा रॉयल्टी 10 घनमीटर की 2000, 12 घनमीटर 2500 दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों रेत माफिया विभागीय अधिकारी एवं राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत एवं सेटिंग कर धड़ल्ले से रेत उत्खनन कर लाखें रूपयों की अवैध कमाई कर रहे है। शिकायत करना, अनियमियता सार्वजनिक होना यह सब अपनी जगह होता रहता है। मामूली दिखावटी कार्यवाही के बाद फिर रेत माफिया अपनी नियमित अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लिप्त हो जाता है। परसदाकला ग्राम के ग्रामीणों ने कहा कि रेत माफिया अधिकारियों से सेटिंग कर जब चाहें जहां चाहें मनमाने ढंग से अवैध खनन करते है और प्रतिदिन मनमाने ढंग से हाईवा गाड़ी से रेत का परिवहन कर जहां शासन को हजारों रूपयों की रायल्टी की चोरी तो करते है साथ ही पर्यावरण का नुकसान, ग्राम्यांचल की सड़कों के साथ साथ दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब एनजीटी ने सभी खदानों के एनओसी को रदद करते हुए खनन पर रोक लगा दी है। सिर्फ स्टॉक के परिवहन को अनुमति दी गई है। इसके बाद भी बिड़ोरा, खुड़सा,  में अवैध रूप से खनन दिन रात चल रहा है। उन्हीं रेत खदानों से बिना पिटपास के हाईवा में लोंडंग दी जा रही है। इतना ही नहीं बिना अनुमति के ही कई रेत घाटों से दिन रात अवैध खनन कर लाखों रूपए की रेत बेची जा रही है। शासन द्वारा रेत लोडिंग एवं रायल्टी का मूल्य 980 रूपए निर्धारित किया गया है। सभी रेत घाटों में 2500 से 3000 रूपए लोडिंग चार्ज लिया रहा है। रेत की रॉयल्टी का मूल्य 650 रूपए है। गाड़ी मालिकों से 2000 रूपए अतिरिक्त लिया जा रहा है। इसके बाद भी रॉयल्टी पर्ची नहीं दी जा रही है। बता दें कि खनिज विभाग की छूट के कारण जिले में अवैध रेत खनन अब भी तेजी से चल रहा है। इसकी वजह से अवैध परिवहन लगातार किया जा रहा है। खुड़सा-बिड़ोरा रेत खदान की स्वीकृति संदेह के दायरे में है। रेत ठेकेदार ने बताया कि हम रेत भंडारण से रेत उठा रहे है। खनन का सवाल ही नहीं है। जबकि रेत माफिया कहने को तो भंडारण से रेत परिवहन बताते है परंतु मौका मिलते ही चैनमाऊटिंग से नदी के बीच में जाकर अवैध खनन किया जाता है। धड़ल्ले से काफी ऊंची कीमत में हाईवा लोड की जाती है। ग्रामीणों ने क्षेत्र के रेत खदानों में नियमानुसार खनन एवं परिवहन किए जाने की मांग की है। ताकि हर समय ग्रामीण संशय में न रहे। और अवैध खनन परिवहन में अंकुश रखा जा सकें।


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