स्व. उमेश राजपूत की 15 वीं श्रद्धांजलि तिथि मनाई, परिजन न्याय के लिए बरसों से कर रहे इंतजार

छुरा (गंगा प्रकाश)। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्व.पत्रकार उमेश राजपूत को आज छुरा नगर के पत्रकारों की उपस्थिति में श्रद्धांजलि अर्पित की गई, सभी पत्रकारों ने फूल अर्पित कर नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखकर आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। स्थानीय पत्रकारों ने न्याय की आस में श्रद्धांजलि/शोक सभा प्रतिवर्ष मानते आ रहे हैं जो न्याय मिलना कोसो दूर अपराधी को कानून की पकड़ से बाहर हैं जो कई सवालों में घिरे हुए हैं। परमेश्वर राजपूत ने बताया कि आज शाम को उनके गृह ग्राम हीराबतर में भी उनके स्टेच्यू पर ग्राम के लोगों के द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
क्या है मामला –
बता दें कि छुरा नगर के 32 वर्षीय युवा पत्रकार उमेश राजपूत का 23 जनवरी 2011 को अज्ञात अपराधियों के द्वारा उनके निवास पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी ।
वहीं स्थानीय पुलिस के द्वारा लगभग चार वर्षों तक जांच की गई लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाने के चलते परिजनों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाकर सीबीआई जांच मांग की गई। जिस पर आज लगभग 15 वर्ष बाद भी सरकार और प्रशासन अपराधियों को सजा दिला पाने में अब तक असफल रही है मामला न्यायालय में लंबित है।
पुलिस प्रशासन की सफलता की बड़ी उपलब्धि –
आपको पता है कि बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर के हत्यारों को पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल हुए जो पुलिस प्रशासन की एक बड़ी सफलता की उपलब्धि है।
स्व.श्री राजपुत की हत्यारा को पुलिस की गिरफ्त से बाहर ये बड़ा सवाल?-
बता दे कि स्व.उमेश राजपुत के हत्यारा पुलिस प्रशासन की पकड़ से बहार ये सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर घर में घटना के समय पांच लोगों की उपस्थिति में शहर के रिहायशी इलाके में थाने से कुछ ही फलांग की दुरी पर उमेश राजपूत को गोली मारकर हत्या कर दी जाती है और आज लगभग पंद्रह वर्षों बाद भी अपराधियों को सजा दिलाने में आखिर सरकार का तंत्र असफल नजर क्यों आ रही है। आखिर इस घटनाक्रम के पीछे क्या कोई प्रभावशाली लोग हैं? क्या कोई राजनेता है? लोगों के मन में अभी भी ये सवाल है।
परिजनों ने अपने दुखड़ा बताते हुए-
वहीं परिजनों ने इस अवसर पर अपना दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि ये हमारे लिए बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि आज पत्रकार उमेश राजपूत की हत्या के पंद्रह साल बाद भी हम परिजनों को न्याय दिलाने में सरकार और तंत्र अब तक असफल है ये बड़ी गंभीर और सोचनीय विषय प्रतीत होता है।
क्या कहते है श्री स्व.राजपुत के छोटे भाई परमेश्वर सिंह राजपूत-
जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता आखिरी सांस तक हम अपना कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे फिलहाल मामला अभी विशेष सीबीआई न्यायालय में लंबित है।
कौन कौन उपस्थित रहे शोक सभा में-
पत्रकर संघ के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, यशवंत यादव, अशोक दिक्षित, कुलेश्वर सिन्हा, प्रकाश कुमार यादव, उज्जवल जैन, यामिनी चंद्राकर, मेषनंदन पांडे, अविनाश पांडे, विकास ध्रुव, दिलिप बघेल, परमेश्वर राजपूत, उपस्थित रहे।
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