छुरा (गरियाबंद)। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला गरियाबंद के तत्वावधान में छुरा विकासखंड अंतर्गत प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल रमई पाठ मंदिर, सोरीद में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे कुल 47 जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लेकर अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। पारंपरिक रीति-रिवाज, वैदिक मंत्रोच्चार और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन सामाजिक समरसता और सामूहिकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
आयोजन स्थल को सादगीपूर्ण लेकिन आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जहां सुबह से ही विवाह समारोह की तैयारियां शुरू हो गई थीं। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, विवाह मंडपों में मंत्रोच्चार, मंगल गीतों और पारंपरिक रस्मों का वातावरण गूंजने लगा। विवाह में शामिल प्रत्येक जोड़े को विधि-विधान के साथ फेरे दिलाए गए, जिसके बाद नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत
कार्यक्रम के दौरान शासन की ओर से प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये मूल्य की गृह उपयोगी सामग्री एवं वेशभूषा भी दी गई, जिससे नवदंपतियों को अपने नए जीवन की शुरुआत करने में सहूलियत मिल सके।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराना है। कई बार आर्थिक तंगी के कारण परिवारों पर विवाह का भारी बोझ पड़ता है, जिसे कम करने के लिए यह योजना प्रभावी साबित हो रही है। सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्चों में भी कमी आती है तथा सामाजिक सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
उत्साह और उल्लास से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक बाजे-गाजे की धुन पर झूमते और मुस्कुराते नजर आए। बारातियों और परिजनों के बीच खुशी का माहौल साफ दिखाई दे रहा था। विवाह स्थल पर पहुंचे परिजनों ने इस सामूहिक आयोजन को सराहनीय बताया और शासन के इस प्रयास को गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया।
पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाए गए, वहीं बच्चों और परिजनों की चहल-पहल ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया। विवाह की रस्मों के दौरान उपस्थित लोगों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की।

सामाजिक संगठनों का भी मिला सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में सोरीद के गायत्री परिवार से जुड़े सदस्यों ने मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं रमई पाठ विकास समिति के सदस्यों ने आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। स्वयंसेवकों और विभागीय कर्मचारियों ने भी पूरी जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाओं को संभाला, जिससे कार्यक्रम बिना किसी अव्यवस्था के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति की चर्चा
कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू की उपस्थिति को लेकर लोगों के बीच चर्चा बनी रही। हालांकि समाचार लिखे जाने तक वे कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे थे। बावजूद इसके, आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।
सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक खर्चों को कम किया जा सकता है। एक साथ कई जोड़ों का विवाह होने से समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को भी बल मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों ने शासन एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया और इस पहल को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। पूरे आयोजन ने यह साबित किया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का अवसर है।

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