हादसा कैसे हुआ
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना खरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बानीपाथर इलाके में हुई। टायर से कार्बन निकालने की प्रक्रिया के दौरान फर्नेस में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी। आसपास काम कर रहे मजदूर आग की चपेट में आ गए। घायल मजदूरों को पहले खरसिया अस्पताल और फिर गंभीर मामलों को रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया।
घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मजदूरों के परिजन अस्पतालों के बाहर जमा रहे। माहौल तनावपूर्ण रहा।
लाइसेंस और ESIC को लेकर गंभीर सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस व्यक्ति के नाम पर प्लांट का लाइसेंस जारी है, वही वास्तविक संचालक नहीं है। बानीपाथर में अविनाश गर्ग के नाम पर कार्बन प्लांट लगाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन संचालन किसी अन्य के हाथ में होने की बात कही जा रही है।
श्रम कानूनों के अनुसार, ऐसे प्लांट में कार्यरत मजदूरों को ESIC सुविधा मिलना अनिवार्य है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि रायगढ़ में ESIC प्रबंधन द्वारा ऐसे प्लांटों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता।
प्रशासन और विभागीय प्रतिक्रिया
“मंगल कार्बन प्लांट में हुई दुर्घटना गंभीर है। श्रम विभाग मामले की जांच करेगा। ESIC और लाइसेंस से जुड़े बिंदुओं की भी समीक्षा की जाएगी।”
— प्रशासनिक अधिकारी, रायगढ़
सूत्रों का कहना है कि GST चोरी की आशंका भी जताई जा रही है, जिसे लेकर वाणिज्यिक कर विभाग को सूचना दी जा सकती है। फिलहाल यह मामला Developing Story की श्रेणी में है और अलग-अलग विभागों की जांच शुरू होने की तैयारी है।
आम लोगों पर असर और आगे क्या
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी लंबे समय से हो रही थी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने तक प्लांट संचालन पर रोक लग सकती है।
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