नर्सरी परिसर बना ‘अड्डा’, ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, मामला सूरजपुर के एक सुदूर वन परिक्षेत्र का है। फॉरेस्ट गार्ड नर्सरी की रखवाली के बजाय वहां अपनी महिला मित्र के साथ समय बिता रहा था। काफी समय से नर्सरी में बाहरी गतिविधियों की शिकायत मिलने पर गांव के युवकों ने अचानक वहां धावा बोला। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद वन रक्षक ने भागने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने उसे घेर लिया। युवकों का आरोप है कि सरकारी परिसर का इस्तेमाल अनैतिक कार्यों के लिए किया जा रहा था। पिटाई के बाद युवकों ने गार्ड को सबक सिखाने के लिए उससे फिल्मी गानों पर डांस कराया और माफी मंगवाई।
“हमें सूचना मिली थी कि नर्सरी में कुछ गलत काम हो रहा है। जब हम वहां पहुंचे तो फॉरेस्ट गार्ड को आपत्तिजनक हालत में पाया। सरकारी नौकरी की आड़ में वह मर्यादा भूल गया था।”
— एक स्थानीय ग्रामीण (नाम गोपनीय रखा गया)
“वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। पुलिस और वन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, और न ही सरकारी कर्मचारी को आचरण संहिता उल्लंघन की अनुमति है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।”
— थाना प्रभारी, संबंधित थाना क्षेत्र
इस घटना ने क्षेत्र में ‘मोरल पुलिसिंग’ (नैतिक रखवाली) और सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है।
- विभागीय कार्रवाई: वन विभाग ने मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट तलब की है। दोषी पाए जाने पर फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित (Suspend) किया जा सकता है।
- पुलिस केस: मारपीट करने वाले युवकों के खिलाफ भी कानून हाथ में लेने के आरोप में मामला दर्ज हो सकता है।
- निगरानी: इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सभी वन नर्सरियों और सरकारी उद्यानों में औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
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