ड्रोन तकनीक से लेकर जीवामृत तक की दी जानकारी, विकसित कृषि संकल्प अभियान में उमड़े किसान
छुरा (गंगा प्रकाश)। ग्राम पंचायत हरदी में बुधवार को उस समय अलग ही माहौल देखने को मिला, जब खेत-खलिहानों के बीच किसानों के लिए आधुनिक खेती की अनोखी पाठशाला सज गई। केंद्र सरकार के विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आयोजित विशेष कृषि शिविर में कृषि विभाग की टीम सीधे किसानों के बीच पहुंची और परंपरागत खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का संदेश दिया।

ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी रोमन ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में किसानों को खरीफ फसल की तैयारी, उन्नत बीज, ड्रोन तकनीक, नैनो यूरिया और जैविक खेती के फायदे समझाए गए। खेतों में बढ़ती रासायनिक खाद की निर्भरता पर चिंता जताते हुए अधिकारियों ने किसानों से गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जीवामृत अपनाने की अपील की।
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रोमन ठाकुर ने कहा कि अब समय केवल अधिक उत्पादन का नहीं, बल्कि स्वस्थ मिट्टी और कम लागत वाली खेती का है। उन्होंने बताया कि जैविक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होती है। विभाग का लक्ष्य हर गांव तक योजनाओं और नई तकनीकों को पहुंचाना है।

शिविर में सबसे ज्यादा आकर्षण ड्रोन तकनीक और जीवामृत निर्माण प्रशिक्षण का रहा। महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मौके पर ही जीवामृत बनाने की विधि सिखाई गई, वहीं युवाओं ने ड्रोन आधारित खेती की जानकारी में विशेष रुचि दिखाई।
पशुपालन विभाग ने डेयरी और पशु टीकाकरण योजनाओं की जानकारी दी, जबकि मत्स्य विभाग ने तालाब निर्माण और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिलने वाले लाभों से किसानों को अवगत कराया।
जनपद सदस्य सुखबती टांडे ने कहा कि सरकार अब किसानों तक खुद पहुंच रही है, जिससे गांवों में जैविक खेती को नया बढ़ावा मिलेगा। वहीं उपसरपंच रुपनाथ बंजारे ने कहा कि गांव में पहली बार किसानों को इतने व्यावहारिक तरीके से आधुनिक खेती की जानकारी मिली है, जिससे युवाओं में खेती के प्रति नया उत्साह दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम में सरपंच, ग्राम पटेल, ग्राम कोटवार सहित कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।




