उपनिदेशक समेत कई कर्मचारियों से धक्का-मुक्की, वर्दी फाड़ी: 100-150 एकड़ भूमि पर कार्रवाई का विरोध
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिले के टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भीड़ ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक सहित कई कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान कुछ कर्मचारियों की वर्दी भी फाड़ दी गई।

मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम जैतपुरी गांव में करीब 100 से 150 एकड़ भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई करने पहुंची थी। वन अमला अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर आगे की प्रक्रिया कर रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
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गिरफ्तारी के विरोध में बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया था। जैसे ही यह जानकारी गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम को चारों ओर से घेर लिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने वन अमले को मौके से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान उपनिदेशक सहित कई कर्मचारियों के कपड़े फट गए और कर्मचारियों को काफी देर तक विरोध का सामना करना पड़ा।

वन विभाग ने कहा – कानून के तहत होगी कार्रवाई
घटना के बाद टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के तहत कार्रवाई करने टीम मौके पर पहुंची थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि संरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग भी सतर्क हो गया है। इलाके में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और वीडियो व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बढ़ते विवाद ने एक बार फिर वन भूमि, अतिक्रमण और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



