एक ही दिन में चार सामान्य प्रसव, हाई-रिस्क गर्भवती का भी सफल इलाज
निःशुल्क जांच, अल्ट्रासाउंड और 102 महतारी एक्सप्रेस से बढ़ा संस्थागत प्रसव पर भरोसा
देवभोग (गंगा प्रकाश)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवभोग ग्रामीण अंचल की गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित मातृत्व का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभर रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की बदौलत अस्पताल में एक ही दिन में चार महिलाओं का सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराया गया। इनमें एक हाई-रिस्क गर्भवती महिला का भी सुरक्षित सामान्य प्रसव कराकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश साहू ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष मातृ स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाता है। शिविर में महिलाओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श तथा निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान की जाती है। इसके साथ ही 102 महतारी एक्सप्रेस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने तथा प्रसव के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
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अस्पताल में हेम बाई ने 2.110 किलोग्राम की बालिका, सुनीता नागेश ने 3.600 किलोग्राम के बालक, धनमती ने 1.900 किलोग्राम के बालक तथा गायनदीं बघेल ने 2.450 किलोग्राम के बालक को सामान्य प्रसव के माध्यम से जन्म दिया। चारों प्रसव सुरक्षित रहे और सभी नवजात एवं माताएं स्वस्थ हैं।

डॉ. साहू ने बताया कि गायनदीं बघेल हाई-रिस्क श्रेणी की गर्भवती थीं। उनका हीमोग्लोबिन मात्र 7.4 ग्राम प्रतिशत था तथा वे सिकलिंग पॉजिटिव भी थीं। चिकित्सकीय टीम ने समय पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन, नियमित निगरानी और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराते हुए उनका भी सफल सामान्य प्रसव कराया। वर्तमान में मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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सभी प्रसव खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुए। इस दौरान स्टाफ नर्स उमा चौधरी, ज्योति सोनी, अनीता साहू, माधुरी पाड़े एवं संगीता खलखो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. प्रकाश साहू ने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने, संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और अस्पताल में प्रसव कराने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ जटिल परिस्थितियों का भी सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।




