विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित होने का दावा, वीडियो सामने आने की चर्चा; ग्रामीणों व पालकों ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
मैनपुर/गरियाबंद गंगा प्रकाश)। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में विद्यालय के दो शिक्षकों पर स्कूल कार्यालय में कथित रूप से शराब का सेवन करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था, विद्यालयी अनुशासन और विभागीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय मीडिया टीम के अनुसार विद्यालय में निरीक्षण के दौरान कई छात्र-छात्राएं परिसर में मौजूद थे, लेकिन नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित दिखाई दिया। आरोप है कि विद्यालय के कार्यालय कक्ष में शिक्षक मनोज कुमार भारद्वाज एवं कमल सिंह दीवान कथित रूप से चखने के साथ शराब का सेवन कर रहे थे। मीडिया टीम का दावा है कि मौके पर शराब की बोतल, डिस्पोजेबल गिलास और अन्य सामग्री भी दिखाई दी, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है।

कार्यालय कक्ष में कथित शराब पार्टी, बच्चों की पढ़ाई हुई प्रभावित
मीडिया टीम का कहना है कि विद्यालय के कार्यालय कक्ष को ही कथित रूप से शराब सेवन का स्थान बना दिया गया था। जिस समय शिक्षक कार्यालय में बैठे थे, उसी दौरान कई छात्र-छात्राएं विद्यालय परिसर में बिना पढ़ाई के इधर-उधर घूमते दिखाई दिए। इससे यह आरोप भी लगा कि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और शिक्षण व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही थी।
गरियाबंद पुलिस की हाईटेक पहल: अब ई-पेन से हस्ताक्षरित प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति मिलेगी तत्काल
तीन शिक्षक अवकाश पर, दो पर नशे में होने का आरोप
निरीक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय के तीन शिक्षक अवकाश पर थे। वहीं मौजूद दो शिक्षकों पर नशे की हालत में पाए जाने का आरोप लगाया गया है। मीडिया टीम का यह भी दावा है कि दोनों शिक्षक विभाग द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे थे और टी-शर्ट व कार्गो जींस पहनकर विद्यालय पहुंचे थे। इससे विद्यालय में अनुशासन और शिक्षकीय मर्यादा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पत्रकारों से कथित अभद्रता और धमकाने का आरोप
मीडिया टीम का आरोप है कि जब शिक्षकों से शराब सेवन के संबंध में जानकारी लेने और उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो दोनों शिक्षक कथित रूप से आक्रोशित हो गए। आरोप है कि उन्होंने पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, अमर्यादित व्यवहार किया तथा सवालों का जवाब देने के बजाय बहस करने लगे। मीडिया टीम का कहना है कि पूरी घटना का वीडियो उनके पास सुरक्षित है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का गरियाबंद में ऐतिहासिक स्वागत
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों, पालकों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिस विद्यालय में बच्चों को संस्कार, अनुशासन और नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है, यदि वहीं शिक्षक अनुशासनहीनता के आरोपों में घिर जाएं तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। इससे विद्यार्थियों पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
विभागीय निगरानी पर भी उठे प्रश्न
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विद्यालयों का समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण होता, तो ऐसी स्थिति शायद सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालयों में नियमित निरीक्षण, शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनी रहे और अन्य कर्मचारियों के लिए भी यह एक उदाहरण बन सके।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल यह पूरा मामला स्थानीय मीडिया टीम द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित शिक्षकों अथवा शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




