रसेला के ठेलका दादर जंगल में भालू ने 55 वर्षीय लक्ष्मण यादव पर किया हमला, चेहरा लहूलुहान; साथी ने बचाकर निकाला बाहर
छुरा (गंगा प्रकाश)। जंगल में मशरूम की तलाश में निकले 55 वर्षीय लक्ष्मण यादव को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में उनका सामना ऐसे खतरे से होने वाला है, जिससे उनकी जान पर बन आएगी। ठेलका दादर जंगल में अचानक सामने आए भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में लक्ष्मण यादव के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए।
घटना उस समय हुई जब लक्ष्मण यादव अपने एक साथी के साथ जंगल में मशरूम तलाशने गए थे। जंगल के भीतर अचानक भालू दिखाई दिया। इससे पहले कि वे संभल पाते, भालू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बुजुर्ग बुरी तरह घायल हो गए। उनके साथ मौजूद युवक ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह भालू से उन्हें बचाते हुए जंगल से बाहर निकाला।
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जंगल से बाहर आने के बाद घायल लक्ष्मण यादव को परिजनों ने निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में हमले की गंभीरता साफ नजर आ रही है। बुजुर्ग के चेहरे पर खून के निशान और गहरे जख्म दिखाई दे रहे हैं। वहीं एक ग्रामीण उन्हें सहारा देकर जंगल से बाहर लाता नजर आ रहा है। घायल अवस्था में भी लक्ष्मण यादव के हाथ में लाठी दिखाई दे रही है।

दो बच्चों के साथ घूम रही मादा भालू, बढ़ा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक रसेला क्षेत्र के जंगल में इन दिनों एक मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ अलग-अलग हिस्सों में विचरण कर रही है। ऐसे में जंगल में मशरूम और अन्य वन उपज की तलाश में जाने वाले ग्रामीणों के सामने वन्यजीवों से आमना-सामना होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से लगे दादर जंगल में पहले भी भालू के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा घटना के बाद जंगल जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। खासकर बारिश के मौसम में मशरूम की तलाश में ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल का रुख करते हैं, जिससे वन्यजीवों के नजदीक पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

एक गलती और भारी पड़ सकती है
ग्रामीणों ने जंगल जाने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में भालू या उसके बच्चों की मौजूदगी की जानकारी हो तो वहां जाने से बचना चाहिए। जंगल जाना जरूरी हो तो अकेले जाने के बजाय समूह में जाना सुरक्षित माना जा रहा है।
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वन क्षेत्र में भालू दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे छेड़ने या उसका पीछा करने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाकर वहां से निकलना जरूरी है। खासकर मादा भालू के साथ बच्चे होने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
रसेला के जंगल में हुई यह घटना एक बार फिर सवाल छोड़ गई है कि मशरूम की तलाश में जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से क्या अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं? लगातार वन्यजीवों की मौजूदगी और हमले की घटनाओं के बीच ग्रामीणों को जागरूक करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।





