गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। नेशनल हाईवे 130-सी पर बिन्द्रानवागढ़ के समीप लावारिस और क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी एक अर्टिगा कार ने पुलिस को ऐसे अवैध कारोबार का सुराग दिया, जिसकी कीमत 41.50 लाख रुपये आंकी गई है। वाहन की तलाशी लेने पर दो सफेद प्लास्टिक बोरियों में भूरे रंग के सेलो टेप से लिपटे 15 पैकेटों में 63.900 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वाहन चालक मौके से फरार हो चुका था। अब पुलिस वाहन के पंजीयन विवरण के आधार पर वाहन स्वामी और फरार चालक की तलाश में जुटी है।
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पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके के निर्देशन और मार्गदर्शन में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चौकी बिन्द्रानवागढ़ पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली।

बताया गया कि 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नेशनल हाईवे 130-सी पर बिन्द्रानवागढ़ के पास भूरे रंग की अर्टिगा कार क्रमांक UP 24 BT 5466 संदिग्ध अवस्था में लावारिस खड़ी है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गुणेश्वरी नरेटी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने देखा कि कार क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी थी और उसका दरवाजा खुला हुआ था। वाहन चालक वहां मौजूद नहीं था। संदेह के आधार पर विधिवत तलाशी लेने पर कार के भीतर दो सफेद प्लास्टिक बोरियों में रखे गांजे के 15 पैकेट मिले। सभी पैकेटों का वजन कराने पर कुल 63.900 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में गांजे को ओडिशा से गरियाबंद के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, तस्करी के पूरे नेटवर्क, वाहन चालक और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा विवेचना के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस टीम ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए गांजा, कार और वाहन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। अज्ञात फरार चालक के विरुद्ध थाना मैनपुर में धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया है। वाहन के पंजीयन विवरण के आधार पर वाहन स्वामी तथा फरार चालक की पतासाजी की जा रही है।
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जब्त संपत्ति में 63.900 किलोग्राम गांजे की अनुमानित कीमत 31 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है, जबकि अर्टिगा कार की कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत 41 लाख 50 हजार रुपये है।
फिलहाल इस कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल फरार चालक की पहचान और गांजे की खेप के पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क का पता लगाना है। जांच में यह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वाहन किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे खड़ा मिला और तस्करी की इस खेप से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस की विवेचना आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।




