बिना काम किए मस्टर रोल में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान कराने का जांच पत्र में उल्लेख, 25,317 रु की वसूली सहित जवाबदेही तय करने की उठी मांग
धमतरी/कुरूद (गंगा प्रकाश)। ग्राम पंचायत सिर्री में मनरेगा के निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। जांच में अनियमितताओं के उल्लेख और शास्ति लगाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र देवांगन ने सरपंच के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। देवांगन बुधवार को कलेक्टर धमतरी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को पद से पृथक करने की कार्रवाई शुरू करने तथा मामले में FIR दर्ज कराने की मांग करेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
👉 जरूर पढ़ें: मैनपुर में अस्पताल के बाहर किसके भरोसे मरीज? स्वास्थ्य सुपरवाइजर के घर पर इलाज और इंजेक्शन लगाने के आरोप से मचा हड़कंप!
देवांगन के अनुसार ग्राम पंचायत सिर्री में दोतेसरी तालाब नवीनीकरण एवं रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुरूद द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में जांच के दौरान बिना कार्य किए मजदूरों की उपस्थिति मस्टर रोल में दर्ज कर भुगतान कराए जाने संबंधी अनियमितता का उल्लेख किया गया है।

जारी पत्र के अनुसार, सरपंच पर 7,000 रुपये, तकनीकी सहायक पर 2,000 रुपये तथा रोजगार सहायक पर 1,000 रुपये की शास्ति लगाए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं 25,317 रुपये की वसूली के लिए कार्रवाई का भी उल्लेख है। हालांकि, वसूली की वर्तमान स्थिति और राशि जमा होने के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
योगेन्द्र देवांगन ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीब मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने की महत्वपूर्ण योजना है। यदि बिना काम किए मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराकर सरकारी राशि का भुगतान कराया गया है, तो यह गंभीर विषय है। ऐसे मामले में केवल जुर्माना लगाकर जिम्मेदारी समाप्त नहीं की जा सकती, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
👉 जरूर पढ़ें : खेतों से घरों तक पहुंचा 35 हाथियों का झुंड, अब रातभर जागने को मजबूर कमार-भुंजिया परिवार… आखिर कब थमेगा दहशत का सिलसिला?
उन्होंने कहा कि कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सरपंच के विरुद्ध धारा 40 के तहत पद से पृथक करने की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ करने, अनियमितताओं की विस्तृत जांच कराने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर FIR दर्ज कराने की मांग की जाएगी। साथ ही मस्टर रोल, मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति, भुगतान अभिलेख, निर्माण कार्य की भौतिक स्थिति और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग रखी जाएगी।

देवांगन ने प्रशासन से 25,317 रुपये की वसूली की स्थिति स्पष्ट करने तथा राशि जमा होने से संबंधित प्रमाण उपलब्ध कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सरकारी धन जनता की अमानत है और उसके उपयोग में पारदर्शिता एवं जवाबदेही अनिवार्य होनी चाहिए। जांच में जिस किसी की भी भूमिका सामने आती है, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी व्यक्तिगत द्वेष का नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकार, ग्रामीण विकास और सार्वजनिक धन की सुरक्षा से जुड़ा है। बुधवार को कलेक्टर से मुलाकात के दौरान वे शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई, प्रस्तावित जांच और वसूली की स्थिति पर लिखित जवाब की मांग भी करेंगे।
फिलहाल सरपंच के विरुद्ध बर्खास्तगी और FIR की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष मामला उठाया जाना है। जांच में सामने आए तथ्यों, संबंधित पक्षों के जवाब और प्रशासनिक कार्रवाई से ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।





