छुरा (गंगा प्रकाश)। छुरा-रसेला मार्ग पर ग्राम सेम्हरा के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर से बाइक सवार युवक महेश मांझी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक ग्राम छत्तरमड़ई का निवासी था। हादसे की खबर सामने आते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं इस घटना के बाद लंबे समय से बदहाल पड़े छुरा-रसेला मार्ग की स्थिति को लेकर भी एक बार फिर बहस तेज हो गई है। वर्षों से मरम्मत की मांग के बावजूद सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब भी राहगीरों के लिए परेशानी बने हुए हैं।
👉 जरूर पढ़ें : शहर चमकाने की कीमत जंगल क्यों चुका रहा? छुरा की सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल, कक्ष क्रमांक 101 में कचरे का साम्राज्य !
प्राप्त जानकारी के अनुसार महेश मांझी किसी आवश्यक कार्य से छुरा आया हुआ था। अपना काम निपटाकर वह बाइक से वापस गांव लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम सेम्हरा के पास अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी गंभीर थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही छुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया तथा मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की। फिलहाल दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन का पता लगाने और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर छुरा से रसेला तक के मार्ग की बदहाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से आवागमन में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। खासकर बाइक चालकों को रास्ते में संतुलन बनाए रखने और गड्ढों से बचने के दौरान जोखिम उठाना पड़ता है। सामने से वाहनों के आने पर परेशानी और बढ़ जाती है।
👉 जरूर पढ़ें : रास्ते में गिरे विशाल पेड़, चारों तरफ तबाही… फिर भी नहीं रुकी 108 की रफ्तार, कुकरार में ऐसे बची प्रसूता तक पहुंचने की उम्मीद !
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मार्ग की मरम्मत के लिए लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया। लोगों ने सड़क की स्थिति को लेकर संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नियमित रखरखाव और स्थायी मरम्मत की मांग की है। हालांकि इस दुर्घटना का वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, इसलिए इसे सीधे सड़क की बदहाली का परिणाम मानना अभी उचित नहीं होगा।

जनहित को देखते हुए लोक निर्माण विभाग से क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत और जरूरत के अनुसार स्थायी सुधार कराने की मांग की जा रही है। साथ ही दुर्घटना स्थल पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की भी जरूरत बताई जा रही है।
महेश मांझी की मौत के बाद अब क्षेत्र में एक बड़ा सवाल गूंज रहा है—क्या इस हादसे के बाद जिम्मेदार महकमा जागेगा? क्या वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, या फिर बदहाल मार्ग पर खतरे का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?





