धान खरीदी शुरू होने से पहले सीमावर्ती इलाके में अवैध परिवहन की कोशिशें तेज, पिकअप वाहन CG07 AZ 9025 जब्त; चालक वैध दस्तावेज पेश करने में रहा नाकाम
देवभोग (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही सीमावर्ती इलाकों में दूसरे राज्य से धान लाकर खपाने की कोशिशें सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में देवभोग पुलिस ने भरवामुड़ा नाके पर कार्रवाई करते हुए ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर लाया जा रहा लगभग 60 कट्टा धान पकड़ा है। धान परिवहन में इस्तेमाल की जा रही सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक CG07 AZ 9025 को भी जब्त कर थाना देवभोग में सुरक्षार्थ रखा गया है। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में धान के अवैध परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:30 बजे ओडिशा से अवैध धान परिवहन की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के सख्त निर्देश पर देवभोग पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर स्थित ग्राम भरवामुड़ा नाके में जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें लगभग 60 कट्टा धान लोड मिला।

पुलिस ने चालक से धान के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद धान सहित वाहन को थाना लाकर सुरक्षार्थ रखा गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, धान को समर्थन मूल्य पर खपाने की मंशा थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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देवभोग क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले तेतलखूंटी नाके पर ओडिशा से लाए जा रहे 85 कट्टा धान के साथ टाटा 407 मेटाडोर वाहन जब्त किया गया था। वहीं पीटापारा में राजस्व विभाग ने 40 बोरी धान के साथ पिकअप वाहन जब्त किया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सीमावर्ती रास्तों से धान की आवाजाही और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

धान खरीदी का समय नजदीक आने के साथ ही सीमा पर निगरानी की अहमियत बढ़ गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि ओडिशा से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए निगरानी कितनी प्रभावी साबित होती है और ऐसी गतिविधियों के पीछे की पूरी कड़ी कब सामने आती है।





