धर्मेंद्र गायकवाड़
बसना (गंगा प्रकाश)-18 दिसम्बर गुरु घासीदास जयंती समारोह के पावन अवसर पर गुरु घासीदास सांस्कृतिक भवन न्यू राजेंद्र नगर रायपुर में डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर द्वारा स्वरचित छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह सुमता के अंजोर एवं सतनाम चालीसा का भव्य विमोचन शिवकुमार डहरिया जी नगरी प्रशासन मंत्री के कर कमलों से विमोचन हुआ।विमोचन समारोह में डॉ जे. आर. सोनी,के .पी.खाण्डे (अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष),डॉ अनिल भतपहरी (सचिव राज भाषा आयोग छत्तीसगढ़),चेतन चंदेल प्रवक्ता सतनामी समाज,श्रीमती शकुन डहरिया (समाजसेविका),डॉ आर पी टण्डन,मोहन सुंदरानी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
गुरुघासीदास जयंती के पावन अवसर पर राष्ट्रीय साहित्य संगोष्ठी का भी आयोजन हुआ।राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों ने बाबा जी चलाये गए सामाजिक परिवर्तन पर व्याख्यान दिया गया। विशेष आमंत्रित बौद्ध भिक्षु भंते जी ने कहा कि गौतम बुद्ध और विश्व रत्न संत गुरुघासीदास जी मार्ग में चलकर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।अपने जीवन के मूल्यों को समझने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर जी के छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह सुमता के अंजोर और सतनाम चालीसा का विमोचन होना गौरव का पल था।समाज के सभी कर्मचारी,पदाधिकारी, बुद्धिजीवी ने बधाई प्रेषित किये उक्त जानकारी श्री मणि शंकर दिवाकर अधिवक्ता ने दी।
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