देवभोग (गंगा प्रकाश):-गरियाबंद जिला के अंतिम छोर पर बसे देवभोग से पहली महिला अधिवक्ता होने का नाम देवभोग ब्लॉक के टिकरापारा गांव की अनामो बघेल सेवानिवृत्त प्रचार्य देवभोग कि पुत्री कुमारी दीपिका बघेल ने किया अपने नाम किया हैं। दीपिका बघेल कि प्रारंभिक शिक्षा देवभोग कन्या शाला मे संपन्न हुई।दानी गल्र्स रायपुर मे हायर सेकेंडरी कि पढ़ाई कर ग्रेजुएशन महंत कालेज बीएड कि पढ़ाई विकास शिक्षा महाविद्यालय एम.ए (इंग्लिश लिटरेचर)कि पढ़ाई सुंदरलाल शर्मा कालेज व एल.एल.बी कि पढ़ाई छत्तीसगढ़ कालेज मे संपूर्ण कर देवभोग कि पहली महिला अधिवक्ता होने का दीपिका बघेल ने अपने नाम दर्ज कर लिया है। जिला सत्र न्यायालय रायपुर मे अधिवक्ता के रुप मे अपना सेवा प्रदान कर रहे हैं। दीपिका बघेल ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि मेरी सबसे बड़ी सहयोगी व शक्ति मेरी माता चिन्तुला बघेल है। देवभोग वह क्षेत्र है जहां प्रतिभाशालियों कि कोई कमी नहीं है यदि सही मार्गदर्शन व अच्छा माहौल मिले तो वो दिन दुर नहीं कि देवभोग कि धरा के छात्र छात्राएं भी बड़े बड़े पद मे आसीन होते नजर आयेंगे। दीपिका बघेल ने कहा कानून व्यवस्था एक ऐसा शब्द है जो आये दिन खबरों के माध्यम से आप सुनते और पढ़ते हैं, यह शब्द केवल खबरों के लिहाज से ही नहीं बल्कि सामाजिक तौर पर भी महत्वपूर्ण है, बेहतर कानून व्यवस्था अच्छे समाज और माहौल का निर्माण करती है, किसी भी राज्य, शहर, अथवा क्षेत्र में शांति बनाए रखना, अपराधों को कम करना और नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना होता है। इसका उद्देश्य अपराधों का निवारण करना और इनके लिए दंड देना है क्योंकि सभ्य समाजों में अपराध को व्यक्ति के विरूद्ध गलत कृत्य नहीं माना जाता बल्कि समाज के विरुद्ध गलत कार्य माना जाता है। कानून की यह शाखा नागरिकों के एक-दूसरे के साथ आपसी संबंधों को विनियमित तथा शासित करता है। दीपिका बघेल के के इस उपलब्धि से समाज व क्षेत्र में हर्ष का महौल है साथ ही साथ दीपिका बघेल देवभोग के युवा वर्ग के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनती दिख रही है।
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