गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मणिपुर हालात से छत्तीसगढ़ का संबंध जोड़ने एवं तुलना किए जाने पर कांग्रेसी महिला नेत्रीओं श्रीमती लक्ष्मी साहू, रुकमणी मांडले, सुनीता श्रीवास, पुष्पा साहू, मधुबाला रात्रे ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर छत्तीसगढ़ की तुलना कर छत्तीसगढ़ की जनता का अपमान किया है। मणिपुर जातिय और वर्ग सवर्ग में जल रहा केंद्र सरकार एवं भाजपा की मणिपुर सरकार वहां के हालत को सुधारने में पूरी तरह नाकामयाब साबित हुई है। छत्तीसगढ़ में शांति और खुशहाली की स्थिति है। छत्तीसगढ़ में सभी धर्म जाति और संप्रदाय के लोग आपसी भाईचारे के साथ एक दूसरे का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से निवासरत है। प्रधानमंत्री के बयान से उनकी बौखलाहट झलक रही है। मणिपुर संभल नहीं रहा तो देश के शांतिपूर्ण राज्यों से उसकी तुलना कर प्रधानमंत्री अपनी खींझ निकाल रहे हैं। महिला नेत्रीयों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मतिभ्रम के शिकार हो गए हैं। उन्हें ऐसा लग रहा है कि छत्तीसगढ़ में अभी भी रमन सिंह के कुशासन का राज है। वह भूल गए हैं कि छत्तीसगढ़ में रमन सरकार के कुशासन का दौर समाप्त हो गया है। जब छत्तीसगढ़ में मीना खल्खों, झलियामारी, हिड़मा, मड़कम जैसे कांड होते थे। भाजपा के 15 साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित हो गया था। परंतु पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं के लिए सर्व संपन्न राज्य हो गया है।
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