गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। गैस सिलेंडर की कीमत धीरे धीरे एक हजार से भी ज्यादा हो जाने से ग्रामीण अंचल में गैस चूल्हा का उपयोग कम हो गया था। परंतु अब गैस सिलेंडर में 500 रू. की छूट मिलने से एक बार फिर गांव की महिलाओं का प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की तरफ आकर्षण बढ़ा है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना में गरीब महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन और बाद में प्रति सिलेंडर 500 की छूट दिए जा रहे है। घरेलू रसोई गैस मिल जाने से महिलाओं को भोजन बनाने में सहूलियत होने लगी है। पहले चूल्हे पर भोजन बनाने में लकड़ी व कंडों को जलाना पड़ता था। चूल्हे से बहुत धुंआ निकलता था, इससे महिलाओं की आंखों में जलन होती थी और भोजन बनाने में दिक्कत होती थी। ग्रामीण महिलाओं ने गैस सिलेंडर में 500 की छूट मिलने पर बताया कि सरकार की यह योजना बहुत अच्छी है। कम से कम महिलाओं को धुंआ से छुटकारा तो मिल गया। पहले धुंधा आंखों में चला जाता था और आंखो में जलन होती थी। अब गैस मिल जाने से आंखो में बहुत आराम है और भोजन भी अच्छे से और समय पर बन जाता है, जिसका उपयोग वह दूसरे कामों में करती है। रश्मि कहती है कि निःशुल्क गैस कनेक्शन के साथ सिलेंडर में 500 रू. की छूट मिल जाने से अब भोजन बनाने में बहुत आसानी हो गयी है। पहले चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी इकटठी करने की चिंता करनी पड़ती थी। अब गैस कनेक्शन मिल जाने से लाइटर से तुरंत गैस चूल्हा जल जाता है और भोजन भी जल्दी बन जाता है। खाना बनाने में कम समय लगता है और आराम भी मिल जाता है। उन्होंने नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
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