रायपुर (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ की साय सरकार में जीएसटी विभाग के मामले हर दिन सुर्खियों में बने रहते है।यहाँ पदस्थ अफसर शासकीय नियमो का मख़ौल बनाने में ऐसे लगे है मानो इनका कोई कुछ बिगाड़ ही नही सकता। अपने पॉवर का मनमाना इस्तेमाल करके अफसरों व कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। स्पेशल कमिश्नर टी एल ध्रुव की मनमानी से विभाग के कर्मचारी नाराज बताये जा रहे है।

किशोर पटेल (सहा. ग्रेड 3) ने जानकारी देते हुए बताया कि वे संचानालियन कर्मचारी संगठन इन्द्रावती भवन में संयुक्त सचिव के पद पर मनोनीत हैं। दिनांक 17.09.2024 को श्री टी.एल.ध्रुव विशेष आयुक्त के द्वारा भृत्य के माध्यम से अपने चेन्बर में लगभग 3:00 बजे बुलाया गया। भृत्य के बुलाने पर अधिकारी समक्ष उपस्थित हुआ जिस पर माननीय अधिकारी के द्वारा मुझे पूर्व कक्ष में किये गये कार्य की जानकारी मांगी गई। जो मेरे द्वारा दि गई जिस पर अधिकारी द्वारा कम्पयूटर चालने के संबंध में पूछे जाने पर मेरी पदो उन्नति भृत्य से सहायक ग्रेड-03 में होने के कारण नही आने की बात पर अधिकारी नाराज होकर इंक्रीमेंट रोकने एवं निलम्बन की धमकी देने लगे और नेतागिरी कर अपनी पदोन्नति कराने की बात भी की गई। जबकि मेरी पदोन्नति शासन द्वारा की गई है। मेरे द्वारा पूर्व में दिनांक 13.09.2024 को श्री नरेन्द्र वर्मा के कक्ष में मुलाकात कर शाखा परिवर्तन के संबंध में संगठन का धौस दिखाने एवं माननीय संसद विजय बघेल के श्री कमल वर्मा उसके रिश्तेदार होने की बाते की कही गई। मेरे साथ बात कार्यालय में उक्त अधिकारी द्वारा दुर्वव्याहर करने एवं संगठन छोडने की धमकी दी गई। जिससे में मानसिक रूप से प्रताडित हूँ। जिससे मेरे कार्यालय पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
आपको बता दें कि इस भ्रष्ट अफसर की पोस्ट वर्तमान में रायपुर में ही नही है।पर अपनी सेटिंग के कारण नियम विरुद्ध मुख्यालय में आकर विराजित है।पूर्व की भूपेश सरकार में भी मुख्यमंत्री के खासमखास हुआ करते थे। चर्चा यह भी है कि इस भ्रष्टाचार में लिप्त अफसर की जांच की जाए तो बहुत बड़ा खुलासा होगा। सरकार को मिलने वाले राजस्व को चपत लगाने का काम इस अफसर के द्वारा किया गया था,और यह काम आज भी इस अफसर के द्वारा किया जा रहा है।पूर्व की सरकार में लाखों रुपये देकर प्रमोशन पाने के लिए नियम बदलवा दिया था। अपने आपको वर्तमान मुख्यमंत्री साय का रिश्तेदार बताकर अफसरों व कर्मचारियों को पुराने मामले निकालकर डराने का काम करके परेशान किया जा रहा है।
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