फिंगेश्वरः-अवैध रेत खनन के मामले फिंगेश्वर विकासखंड में किस तरह बेधड़क चल रहे है इसका एक मामला सामने आया है जिसमें गांव के सरपंच ने आज 28 अक्टूबर को कलेक्टर को आवेदन किया है कि हमारे पंचायत के आश्रित ग्राम में बेधड़क दिन रात रेत खनन का ऐसा नजारा दिख रहा है कि अवैध खनन करने वाले रेत माफिया को प्रशासन, पंचायत अथवा जनप्रतिनिधियों को कोई खौफ नहीं है। फिंगेश्वर विकासखंड की ग्राम पंचायत सिर्रीकला के सरपंच सरोजनी मोहन साहू एवं उपसरपंच ने आज जिलाधीश को आवेदन दिया है कि ग्राम पंचायत सिर्रीकला के आश्रित पोलकर्रा में नदी की रेत खदान में पिछले 4-6 दिनों से दिन रात 24 घंटे खनन कर रात दिन बड़ी बड़ी हाईवा गाड़ी से धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। बताया जाता है कि रेत उत्खनन करने वालों के पस किसी भी प्रकार की शासन अथवा विभागीय मंजूरी नहीं है। परिवहन करने वाली हाईवा गाड़ियों को पीटपास आदि भी नहीं दिया जाता है। सरपंच ने आवेदन में बताया है कि रेत खनन के सूचना अथवा अनुमति ग्राम पंचायत से भी नहीं है। सरपंच ने कहा कि परसदाजोशी पंचायत में जिस तरह अवैध उत्खनन में पंचायत प्रतिनिधियों को दोशी माना गया है तो उन्हें भी डर है कि हम पर भी ऐसी कार्यवाही न हो। सरपंच ने जिलाधीश से तत्काल पोलकर्रा रेत खदान पर सख्त कार्यवाही कर बंद किया जावें। इस अवैध उत्खनन पर पंचायत की कोई जवाबदारी नहीं होगी। सरपंच ने आवेदन की प्रति राजिम एसडीएम एवं तहसीलदार फिंगेश्वर को भी प्रेशित की है। इन दिनों फिंगेश्वर विकासखंड में मनमाने ढंग से रेत खदानों में किए जा रहे खनन एवं परिवहन की बाढ़ आ गई है। प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा की जा रही छापामार कार्यवाही भी रेत माफिया के हौसले को कम नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि इस प्रकार की छोटी छोटी कार्यवाही से लाखों रूपयों रोज कमाने वाले रेत माफिया को कोई फर्क नहीं पड़ता है। प्रशासन को अवैध उत्खनन मामलें में पकड़ी जाने वाली हाईवा, चैन माऊंटिंग मशीनों को राजमात किया जाना चाहिए। तभी बेदर्दी से नदियों की सीना छलनी करने वाले, नदियों में कटाव करने वाले, पर्यावरण का नुकसान कर सरकार को लाखों-करोड़ों का चुना लगाने वाले रेत माफियों को कुछ असर पड़ेगा।
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