पर्व स्नान के लिए त्रिवेणी संगम का है विशेष महत्व, प्रशासन द्वारा बनाए गए है विभिन्न कुंड
गरियाबंद/राजिम (गंगा प्रकाश)। विभिन्न पर्वों में स्नान के लिए त्रिवेणी संगम का अलग ही महत्व है। मान्यता है कि पर्वों पर नदी में स्नान से व्यक्ति के जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। संगम में स्नान करने से स्नान और अधिक पुण्यकारी और फलदायी बन जाता हैं।

इसके लिए राजिम कल्प कुंभ के दौरान आने वाले वाले पर्व स्नान एवं शाही स्नान के लिए कुण्ड का निर्माण किया गया है। आगामी 21 फरवरी को जानकी जयंती और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होने वाले पर्व स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रसाशन द्वारा संत समागम स्थल, नेहरू घाट के पास स्नान कुंड बनाया गया है। कुंड के पास आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ के जवानों को तैनात किया गया है, ताकि स्नान के दौरान होने वाली अनहोनी को टाला जा सके।

कुंड के पास ही महिलाओं की सुविधा के लिए अस्थाई चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। जिससे महिलाओ को स्नान के बाद कपड़े बदलने में असहजता महसूस न हो। कुण्ड में हमेशा साफ सुथरा पानी रहे इसके लिए आवश्यकतानुसार पानी छोड़ा गया है। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालु स्नान के लिए भारी संख्या में उमड़ पड़ते है। लगातार बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए इस बार एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पर्व स्नान के लिए राजिम आ सकते है ऐसी संभावनाओं को देखते हुए तैयारियां की गई है।
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