सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से करें निराकरण – कलेक्टर बी.एस. उइके
समय-सीमा समीक्षा बैठक में पेंशन प्रकरणों और राजस्व शिविरों पर भी दिए महत्वपूर्ण निर्देश
गरियाबंद(गंगा प्रकाश)।कलेक्टर बी.एस. उइके ने सोमवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं आवेदनों की स्थिति की गहन समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश और बिंदु:
ऑनलाइन प्रविष्टि हो त्रुटिरहित:
कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन एंट्री बिना किसी त्रुटि के की जाए।
आवेदनों का विभागीय प्रेषण:
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन की सॉफ्ट कॉपी संबंधित विभाग को ऑनलाइन तथा मूल प्रति फिजिकली भी तत्काल भेजी जाए, जिससे निराकरण की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
नियमित मॉनिटरिंग पर जोर:
आवेदन किसी भी स्तर पर लंबित न रहें, इसके लिए एसडीएम एवं जनपद पंचायत सीईओ को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण:
सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
लापरवाही पर सख्ती:
कलेक्टर ने कहा कि आवेदनों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं।
राजस्व शिविरों की समीक्षा:
कलेक्टर ने राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत गांवों में आयोजित शिविरों की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता से और गुणवत्ता के साथ समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को राजस्व संबंधी लाभों का शीघ्र और पारदर्शी रूप से लाभ मिलना चाहिए।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विशेष निर्देश:
बैठक में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर उइके ने कहा कि पेंशन और अन्य सेवा समाप्ति लाभों के प्रकरणों का समय पर निपटारा किया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण:
इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर अरविंद पाण्डेय, प्रकाश राजपूत, नवीन भगत, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, तथा जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
जनहित में संचालित योजनाओं और प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण को लेकर कलेक्टर बी.एस. उइके द्वारा दिया गया यह दिशा-निर्देश प्रशासन की संवेदनशीलता और पारदर्शिता को दर्शाता है। सुशासन तिहार के दौरान आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें वास्तविक लाभ पहुंचाने की यह पहल सराहनीय है।
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