CG: छुरा में सावन मास परायण का भव्य आगाज 11 जुलाई से – रामचरितमानस पाठ से गूंजेगा नगर
छुरा (गंगा प्रकाश)। छुरा में सावन मास परायणसावन मास परायण का भव्य आगाज 11 जुलाई से – रामचरितमानस पाठ से गूंजेगा नगर श्रावण मास की पावन बेला में एक बार फिर छुरा नगर का वातावरण राम नाम के जयघोष से गूंज उठेगा। नगर के हृदय स्थल पर स्थित राम जानकी मानस मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रामचरितमानस का मास परायण बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से किया जाएगा। शिक्षक मानस परिवार द्वारा आयोजित यह मास परायण 11 जुलाई शुक्रवार से प्रारंभ होगा, जो पूरे एक माह तक प्रतिदिन संपन्न किया जाएगा।

मानस मंदिर के पुजारी यज्ञेश पांडेय विधिविधान से संकल्प कराकर पाठ प्रारंभ कराएंगे। परायण के दौरान हर दिन शाम 6:00 बजे से 7:30 बजे तक रामचरितमानस का पाठ होगा। इसके साथ ही भजन-कीर्तन, अरण्यास, हनुमान चालीसा, विश्राम पाठ और अंत में श्रीराम की महाआरती की जाएगी। आयोजन में नगर सहित आसपास के गांवों के भक्तजनों की उपस्थिति भी सुनिश्चित मानी जा रही है।
14 वर्षों की परंपरा गौरतलब है कि शिक्षक मानस परिवार द्वारा विगत 14 वर्षों से सावन माह में मानस परायण की यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। आयोजन से जुड़े कामता प्रसाद तिवारी ने बताया कि मानस पाठ से नगर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों के मन में अध्यात्म एवं धर्म के प्रति आस्था और भी दृढ़ होती है।
पिछले वर्ष नगर की बेटियों एवं मानस परिवार की कन्याओं ने भी पूरे भक्तिभाव से पाठ में सहभागिता की थी, जिसने इस आयोजन को नई पहचान दी। इस बार भी नगर की महिलाएं एवं युवा छात्राएं आयोजन में पूरी आस्था से भाग लेंगी।
रामचरितमानस – तीस विश्राम का पाठ रामचरितमानस को 30 विश्रामों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक दिन का पाठ नियत क्रम से होता है। ज्ञात हो कि मानस परायण का विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रवण मास में श्रीराम का स्मरण करने और रामचरितमानस के पाठ से भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
सावन माह शिव का प्रिय मास माना जाता है। इसी प्रकार राम भक्तों के लिए भी यह माह विशेष फलदायी होता है। कोई भक्त जल चढ़ाकर, सावन सोमवार का व्रत रखकर, काँवर यात्रा कर, तो कोई तीर्थाटन कर भगवान शिव को प्रसन्न करता है। वहीं रामभक्त श्रीराम के नाम का स्मरण और रामचरितमानस का पाठ कर अपने जीवन को पवित्र और सफल बनाते हैं।
सामूहिक आयोजन से समाज में सद्भावना आयोजन समिति से जुड़े विनोद कुमार देवांगन ने बताया कि मानस पाठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सद्भावना, एकता और संस्कारों के संचार का माध्यम भी है। इसमें नगर के हर वर्ग के लोग, चाहे वह किसी भी जाति, वर्ग या पेशे से हो, एक साथ बैठकर प्रभु श्रीराम का स्मरण करते हैं। इससे सामाजिक समरसता को भी बल मिलता है।
नगर के प्रमुख श्रद्धालु होंगे शामिल इस मास परायण में कामता प्रसाद तिवारी, विनोद कुमार देवांगन, ललित वर्मा, हीरालाल साहू, मनहरण पटेल, ओमप्रकाश यादव, पोषण लाल वर्मा, विमल पुरोहित, पुखराज ठाकुर, घनश्याम सिन्हा, रुपेश कुमार शर्मा, रामकुमार साहू, केशव प्रसाद साहू, रोशन शर्मा, सुधा शर्मा, मोनिका साहू, भूमिका वर्मा, उपेन्द्र पटेल, कावेरी पटेल, देविका पटेल सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहेंगे।
विशेष आह्वान शिक्षक मानस परिवार ने नगरवासियों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों से अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में शामिल होकर स्वयं को धन्य बनाएं। आयोजन समिति का मानना है कि राम नाम के जाप और मानस पाठ से नगर ही नहीं, समूचे क्षेत्र का वातावरण पवित्र और शांतिमय होता है।
सावन मास में जहां एक ओर काँवरियों की टोलियां भोलेनाथ के जयकारे लगाती हैं, वहीं दूसरी ओर छुरा नगर रामचरितमानस के अखंड पाठ से भक्तिरस में डूबा रहेगा।
इस अवसर पर नगर के श्रद्धालुओं में भी उत्साह का संचार हो गया है। लोगों ने घरों की सफाई, पूजा स्थल की सजावट, तथा मंदिर में सामूहिक सहयोग का कार्य प्रारंभ कर दिया है। आयोजन समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि सभी आरामपूर्वक बैठकर पाठ का श्रवण कर सकें।
रामचरितमानस पाठ – पुण्य और शक्ति का स्रोत पुजारी यज्ञेश पांडेय के अनुसार, जो व्यक्ति सावन मास में रामचरितमानस का पाठ करता है, उसके समस्त पाप नष्ट होते हैं और जीवन में अवश्य ही सुख, शांति एवं समृद्धि प्राप्त होती है। शिव स्वयं राम के उपासक हैं। इसलिए सावन में श्रीराम का स्मरण भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय होता है।