ग्राम पंचायत खरखरा के सहयोग से की गई बड़ी कार्रवाई — यशवंत सेन, सावित्री निषाद, गीतांजलि साहू, लोकनाथ और शैलेन्द्र के कब्जे हटाए गए
छुरा (गंगा प्रकाश)। छुरा क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी डीह में आज प्रशासनिक कार्रवाई से हड़कंप मच गया। न्यायालय तहसीलदार छुरा के आदेश पर सरकारी ज़मीन पर वर्षों से कब्जा जमाए बैठे लोगों के खिलाफ राजस्व अमला और ग्राम पंचायत खरखरा की टीम ने संयुक्त रूप से बुलडोज़र एक्शन चलाया।
सुबह से ही तैनात रही प्रशासनिक टीम
बुधवार को तहसीलदार छुरा की अगुवाई में राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच और पुलिस बल ग्राम पंडरीपानी डीह पहुंचे। सड़क किनारे बने अस्थायी और पक्के निर्माणों को पहले चिन्हांकित किया गया, इसके बाद जेसीबी मशीनों से तोड़फोड़ शुरू हुई। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन प्रशासन ने किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
न्यायालय के आदेश पर की गई कार्रवाई
तहसीलदार छुरा ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय तहसीलदार छुरा के आदेश के तहत की गई है। अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई थी कि वे शासकीय भूमि खाली करें, लेकिन चेतावनी के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ा गया। — सरकारी ज़मीन जनता की संपत्ति है। निजी उपयोग के लिए कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, — तहसीलदार छुरा ने स्पष्ट किया।
कार्रवाई के दौरान जिन लोगों के अवैध कब्जे हटाए गए, उनके नाम इस प्रकार हैं —यशवंत सेन,सावित्री निषाद,गीतांजलि साहू,लोकनाथ,शैलेन्द्र कुमार इन सभी ने सड़क किनारे शासकीय भूमि पर अस्थायी मकान, बाड़े और दुकानें बनाकर कब्जा किया हुआ था। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने ज़मीन को साफ कर “शासकीय भूमि – अतिक्रमण मुक्त” बोर्ड भी लगाया।
ग्राम पंचायत खरखरा का सक्रिय सहयोग
इस कार्रवाई में ग्राम पंचायत खरखरा के सरपंच, सचिव और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन का पूरा साथ दिया। सरपंच ने कहा — गाँव की सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण हटना ज़रूरी था। अब रास्ता चौड़ा और साफ हो गया है, जिससे आमजन को राहत मिलेगी।
ग्रामीणों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहाँ कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की, वहीं कुछ ने राहत अवधि बढ़ाने की मांग की। लेकिन अधिकांश लोगों का कहना था कि सरकारी ज़मीन पर कब्जा हटना गाँव के विकास के लिए ज़रूरी है।
प्रशासन की चेतावनी — कब्जा छोड़ो, नहीं तो बुलडोज़र तैयार है!
तहसीलदार छुरा ने साफ कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया गया, तो उसी दिन कार्रवाई होगी। चाहे वह सड़क किनारे हो, तालाब के पास या किसी सरकारी भवन की सीमा में।
छुरा क्षेत्र में यह कार्रवाई राजस्व विभाग की अतिक्रमण मुक्त छुरा अभियान की कड़ी है। अगले चरण में अन्य ग्राम पंचायतों — जैसे लोहझर, खडमा और रसेला रोड किनारे इलाकों में भी जाँच और कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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