गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। विगत कुछ दिनों से क्षेत्र में ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। मौसम में आये अचानक परिवर्तन और कड़ाके की ठंड के कारण स्वास्थ्य केन्द्रों में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। इस वर्श देर तक मानसून सक्रिय रहने के कारण ठंड का एहसास भी विलंब से हुआ, लेकिन अब तापमान लगातार गिर रहा है जिससे आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। नगर के वार्डो, मोहल्लों और गांवों में लोग सुबह शाम अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे है। खासकर देर रात और तड़के सुबह तापमान में अचानक गिरावट के कारण सड़क किनारे, चौराहों और गलियों में लोगों का झुंड अलाव के आसपास जमा देखा जा सकता है। अत्यधिक ठंड के चलते नियमित रूप से टहलने या योग कने वालों की संख्या में भी स्पश्ट कमी आई है। नगर में कई स्थानों जैसे बस स्टैंड, पुराना बाजार, राजापारा, बस्ती चौक और शिवाजी चौक पर हर वर्श नगर पंचायत द्वारा अलाव जलाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इससे राहगिरों, मजदूरों और सुबह सुबह यात्रा पर निकलने वाले लोगों को निजी रूप से ही ठंड से बचने की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इधर, धान खरीदी केंद्रों में भी सुबह सुबह पहुंचे किसानों को अलाव का सहारा लेते देखा जा रहा है। ठंड बढ़ने के साथ ही धूप का इंतजार भी बढ़ गया है। जैसे ही सूर्य निकलता है, शहर के गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गो तक लोग धूप सेंकते देखे जा सकते हैं। वाक करने वालों का समय भी बदल गया है। पहले जहां लोग सुबह जल्दी नई मंडी, एनएच मार्ग रायपुर रोड और पुश्प वाटिका, नहर पार, जनपद के पीछे में बड़ी संख्या में पहुंचते थे, वहीं अब ठंड बढ़ने के कारण उनकी संख्या में कमी आई है और अधिकांश लोग धूप निकलने के बाद ही वाक के लिए निकल रहे है। इस बीच बाजारों में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ जाने से जगह जगह गर्म कपड़ों के स्टाल सज गए हैं। लोग जैकेट, स्वेटर, टोपी, मफलर के साथ ही ठंड से बचाव के लिए बाडी लोशन और क्रीम का भी बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं।



