गरियाबंद के जंगल में माओवादियों के मंसूबे ध्वस्त — IED बनाने की बड़ी खेप बरामद
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद के जंगल में माओवादियों के मंसूबे ध्वस्त — जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित थाना मैनपुर अंतर्गत पंडरीपानी-सिकासेर के घने जंगल और पहाड़ी इलाकों में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन में गरियाबंद पुलिस और CRPF ने माओवादियों के बड़े मंसूबे पर पानी फेर दिया। सुरक्षा बलों ने यहां से IED बनाने की भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है, जो पुलिस पार्टी और ग्रामीणों को निशाना बनाने के लिए छिपाकर रखी गई थी।

संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
जानकारी के मुताबिक, 12 अगस्त को स्थानीय खुफिया तंत्र से मिली पुख्ता सूचना पर जिला पुलिस बल गरियाबंद, ऑपरेशन टीम E-30, बीडीएस यूनिट और D/62 बटालियन CRPF थाना पीपरछेड़ी की संयुक्त टीम सर्च अभियान पर रवाना हुई। कठिन पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों से गुजरते हुए टीम देर शाम लगभग 5 बजे संदिग्ध डम्प लोकेशन पर पहुंची।
माओवादियों का गुप्त डम्प उजागर
BDS टीम ने इलाके में सघन तलाशी शुरू की। एक बड़े पेड़ के पास जमीन में दबे संदिग्ध सामान की पहचान हुई। खुदाई करने पर जो बरामदगी हुई, उसने सुरक्षा बलों के अंदाजे को सही साबित कर दिया।
बरामद सामग्री में शामिल हैं — 06 नग प्रेशर कुकर (IED बनाने के लिए तैयार),01 नग HP कलर प्रिंटर (नक्सली पर्चा और पोस्टर तैयार करने हेतु),मेडिकल सामग्री: विभिन्न प्रकार की टैबलेट, इंजेक्शन, कैक बैंडेज, नडेज, ग्लूकोन-डी बोतल आदि
एसडीके डिवीजन के माओवादियों की साजिश नाकाम
पुलिस के मुताबिक, यह सामग्री शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन SDK (सोनाबेड़ा-धरमबांधा-खोलीबतर) डिवीजन के माओवादियों द्वारा छुपाकर रखी गई थी। उनका मकसद इलाके में दहशत फैलाना और पुलिस बल या ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करना था।
पुलिस का बयान
अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन से न सिर्फ एक बड़ी साजिश नाकाम हुई है, बल्कि माओवादियों को बड़ा झटका भी लगा है। बरामद सामग्री से साफ है कि वे किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। अब इन बरामद सामानों को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा।
स्थानीय सुरक्षा और सतर्कता में इजाफा
घटना के बाद से पुलिस ने मैनपुर और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान तेज कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हानि से बचा जा सके।