Brekings: खबर का हुआ बड़ा असर – पीएम आवास समन्वयक की जांच में रिश्वतखोरी की पुष्टि, हटाने की सिफारिश

 

गरियाबंद/देवभोग (गंगा प्रकाश)।  खबर का हुआ बड़ा असर– प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत और फर्जीवाड़े के खेल का खुलासा करने वाली आपकी न्यूज़ का बड़ा असर हुआ है। देवभोग ब्लॉक के कदलीमुड़ा गांव में पीएम आवास समन्वयक विकास द्विवेदी पर लगे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच के लिए अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे। जांच के बाद हितग्राही ने रिश्वत देने की पुष्टि कर दी है।

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जांच अधिकारी ने कहा – “आपके माध्यम से जो न्यूज़ मिली थी, उसी आधार पर मुझे निर्देशित किया गया था कि मौके पर जाकर जांच करूँ। मैं स्वयं गया था। हितग्राही ने साफ कहा कि आवास के नाम पर 5000 रुपए की मांग की गई थी और पैसा लिया भी गया है।”

फर्जी जियो टैगिंग का भी बड़ा खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि विकास द्विवेदी द्वारा कई हितग्राहियों को गुमराह कर दूसरों के घर का जियो टैगिंग करवाया गया। वह गरीब लोगों को आवास योजना के तकनीकी पहलुओं के बारे में गलत जानकारी देकर राशि जारी कराने और कमीशनखोरी का खेल चला रहा था।

अधिकारी ने कहा – “इनके द्वारा क्षेत्र के लोगों से गुमराह करके दूसरों के घर की जियो टैगिंग करवाई जाती है। हितग्राहियों से रिश्वत वसूली कर मकान की किश्त जारी कराई जाती है। यह बहुत गंभीर मामला है। प्रधानमंत्री आवास गरीबों के लिए है, लेकिन ये लोग इसे कमाई का जरिया बना लिए हैं।”

समन्वयक को हटाने की सिफारिश

जांच अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा – “मैं उच्च अधिकारियों से सिफारिश करूंगा कि विकास द्विवेदी प्रधानमंत्री आवास के समन्वयक पद के योग्य नहीं हैं। गरीबों के हक का पैसा वसूलने और फर्जीवाड़ा करने वालों को इस पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। इन्हें तत्काल हटाया जाए। इसका प्रतिवेदन तैयार कर भेजा जा रहा है।”

देवभोग में पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा – भंकचंद नायक ने समन्वयक पर लगाए गंभीर आरोप, कहा – गरीबों का हक छीन रहे जिम्मेदार https://gangaprakash.com/big-disclosure-of-fraud-in-pm-awas-yojana-in-devbhog-bhakchand-nayak-said-serious-allegations-against-the-coordinator-the-responsibility-of-the-poor-is-being-taken-away/

मुख्यमंत्री के निर्देशों की खुली अवहेलना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में पीएम आवास योजना को लेकर कहा था – “यदि कोई भी कर्मचारी, अधिकारी या समन्वयक प्रधानमंत्री आवास के नाम पर रिश्वत मांगे तो कलेक्टर जिम्मेदार होंगे और तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

इसके बावजूद देवभोग ब्लॉक में इस तरह की घटनाओं ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या गरीबों के हक को सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्था पर्याप्त है?

भंकचंद नायक ने जताई संतुष्टि, कहा – गरीबों की जीत

इस मामले का खुलासा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता भंकचंद नायक ने कहा –  “यह गरीबों की जीत है। अगर मीडिया, जांच अधिकारी और जागरूक लोग साथ न दें तो गरीबों की आवाज कभी नहीं सुनी जाएगी। अब भी प्रशासन से मांग है कि इस समन्वयक को तुरंत बर्खास्त किया जाए, ताकि दूसरे अधिकारी भी रिश्वतखोरी से डरें।”

ग्रामीणों में भी खुशी की लहर

कदलीमुड़ा गांव में जैसे ही यह खबर फैली कि समन्वयक के खिलाफ कार्रवाई होगी, लोगों ने राहत की सांस ली। एक बुजुर्ग हितग्राही ने कहा –  “पैसा नहीं दो तो नाम काट देते हैं, पैसा दो तो किश्त पास करते हैं। अब इनका हटना जरूरी है, तभी गांव में गरीबों को पक्का मकान मिलेगा।”

 अब आगे क्या होगा?

  • प्रतिवेदन के आधार पर विकास द्विवेदी को समन्वयक पद से हटाया जाएगा।
  • उनके खिलाफ रिश्वतखोरी और फर्जी जियो टैगिंग का प्रकरण दर्ज हो सकता है।
  • जिला पंचायत और प्रशासन इस मामले को टेस्ट केस मानकर अन्य गांवों की भी जांच करा सकता है।


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