Brekings: रायगढ़ में दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की चपेट में आए युवक के उड़े चीथड़े, सड़क पर तड़पता रहा शव, सिस्टम पर उठे सवाल
रायगढ़ (गंगा प्रकाश)। रायगढ़ में दर्दनाक हादसा छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर सरकार सड़क सुरक्षा और हेलमेट अभियान का दावा करती है, दूसरी ओर बेलगाम रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों के कारण हर दिन किसी न किसी निर्दोष की जान जा रही है। आज रात्रि फिर तमनार थाना क्षेत्र से ऐसी दर्दनाक खबर आई है, जिसे सुनकर हर कोई सिहर उठा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात्रि करीब 8:10 बजे तमनार चौक के पास तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क किनारे पैदल जा रहे युवक को अपनी चपेट में ले लिया। वाहन की रगड़ इतनी भीषण थी कि युवक के शरीर के चीथड़े उड़ गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे के बाद युवक का शरीर पहचान से परे हो गया था, आसपास का दृश्य बेहद भयावह था।
हादसे के बाद वाहन चालक फरार, पुलिस के हाथ खाली
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद वाहन चालक तेजी से वाहन लेकर फरार हो गया। किसी को उसका नंबर तक नोट करने का मौका नहीं मिला। कई लोग भय और सदमे में थे। हादसे की सूचना पर पूंजीपथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर घरघोड़ा अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के गांवों में सूचना भिजवा रही है ताकि परिजन शव की शिनाख्त कर सकें। उधर, अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, शव की हालत ऐसी है कि पहचान में कठिनाई हो रही है। यदि कोई पहचान के लिए नहीं पहुंचता है तो पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवा कर आगे की कार्रवाई करेगी।
बेपरवाह ट्रक, बेलगाम रफ्तार और खत्म होता डर
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तमनार चौक हो या रायगढ़ जिले के अन्य मुख्य मार्ग, हर जगह भारी वाहनों की रफ्तार का कोई नियंत्रण नहीं है। न तो स्पीड लिमिट का पालन कराया जाता है, न ही ओवरलोडिंग पर कार्रवाई होती है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे हादसे हर हफ्ते हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल खानापूर्ति कर रहे हैं।
‘अगर सीसीटीवी कैमरे होते तो कातिल बच नहीं पाता’
इस हादसे के बाद स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने प्रशासन से तमनार चौक सहित व्यस्त मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर चौक पर कैमरा लगा होता तो वाहन का नंबर तुरंत मिल जाता और दोषी पकड़ा जाता। लेकिन सुरक्षा इंतजाम की कमी का फायदा उठाकर हर हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक आसानी से फरार हो जाता है।
‘हमारे गांव की सड़कों पर मौत दौड़ती है’
हादसे के बाद कुछ ग्रामीणों ने मीडिया से कहा, – “हमारे गांव की सड़कों पर रोज मौत दौड़ती है। ट्रक और डंपर वाले रफ्तार से ऐसे चलते हैं जैसे सड़क उनकी जागीर हो। पुलिस और प्रशासन केवल हादसे के बाद खानापूर्ति करते हैं। आखिर कब तक हमारे बच्चे, भाई और पिता ऐसे मरते रहेंगे?”
पुलिस ने शुरू की जांच, वाहन चालक की तलाश जारी
पूंजीपथरा थाना प्रभारी ने बताया कि, – “हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को घरघोड़ा अस्पताल भेजा गया है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे और चश्मदीदों से पूछताछ कर वाहन का सुराग लगाया जा रहा है। जल्द ही आरोपी वाहन चालक को पकड़ लिया जाएगा।”
सवाल ये भी: आखिर कब रुकेगा सड़क पर मौत का खेल?
यह हादसा केवल एक खबर नहीं, व्यवस्था की नाकामी का आईना भी है। जिस सड़क पर लोग अपने परिवार, बच्चों और सपनों के साथ गुजरते हैं, वहां मौत ऐसे तांडव मचाएगी, ये किसी ने नहीं सोचा था। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी वाहन चालक को कब तक पकड़ पाती है और प्रशासन सड़क सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।