खैरगुड़ा खालेपारा में 69 लोग प्रभावित, घरों में घुसा पानी और भीगा धान-सामान; 24 घंटे से बिजली गुल, पेयजल से लेकर मोबाइल चार्जिंग तक का संकट
बस्तर (गंगा प्रकाश)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बस्तर तहसील के ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा मधोता-02 के खैरगुड़ा खालेपारा में हालात बिगाड़ दिए हैं। बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से पानी घरों में घुस गया और 13 परिवारों के 69 सदस्य प्रभावित हो गए। कई परिवारों को रातभर घरों से पानी निकालने में जुटे रहना पड़ा। घरों में रखा धान और घरेलू सामान भी पानी की चपेट में आकर भीग गया। इसके साथ ही क्षेत्र में 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
बारिश के बीच खैरगुड़ा खालेपारा में सड़क के दोनों ओर नाली नहीं होने का असर साफ दिखाई दिया। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश का पानी निकलने का रास्ता नहीं मिलने से सड़क और आसपास का पानी घरों की ओर पहुंच गया। कुछ घरों में बाहर से पानी घुसने के साथ जमीन के भीतर से भी पानी निकलने की बात ग्रामीणों ने बताई है। लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।

रातभर घर बचाने में जुटे रहे परिवार
पानी घरों में घुसने के बाद प्रभावित परिवारों को रातभर पानी बाहर निकालने की मशक्कत करनी पड़ी। घर में रखा अनाज और अन्य घरेलू सामान भीगने से नुकसान की स्थिति बनी। बारिश लगातार जारी रहने के कारण ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता बच्चों, बुजुर्गों और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की रही।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही और जलस्तर बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन पहुंचा गांव, सुरक्षित स्थान पर शिफ्टिंग की तैयारी
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद बस्तर एसडीएम गगन शर्मा के मार्गदर्शन में तहसीलदार जॉली जेम्स, नायब तहसीलदार फूलबती भूआर्य एवं नरेंद्र पैंकरा तथा सरपंच ईस्पर मंडावी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए।
घर में पानी भरने और लगातार बारिश को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को प्राथमिक शाला खैरगुड़ा में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखने की बात कही गई है।

भैंसगांव में भी अलर्ट, तैयारियों की समीक्षा
भारी बारिश के चलते बस्तर तहसील के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी प्रशासन सतर्क है। तहसीलदार जॉली जेम्स ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। भैंसगांव के प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भैंसगांव में जलस्तर बढ़ने या किसी आपात स्थिति की आशंका को देखते हुए सरपंच की ओर से भी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने की बात सामने आई है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
बारिश के बीच बिजली ने भी बढ़ाई मुश्किल
खैरगुड़ा में जलभराव के साथ बिजली संकट ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बंद है। रात के समय अंधेरे में रहने के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं।
बिजली बंद होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या के साथ मोबाइल फोन चार्ज करने में भी दिक्कत हो रही है। आपदा की स्थिति में मोबाइल ही संपर्क का प्रमुख माध्यम होने के कारण ग्रामीणों के लिए यह परेशानी गंभीर बन गई है।
राशन दुकान तक नहीं पहुंच पाया परिवार, पहुंचाई गई मदद
बारिश के कारण कुछ प्रभावित परिवार राशन लेने के लिए दुकान तक नहीं पहुंच पाए। इसी दौरान पत्रकार मनोज कुमार ठाकुर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
सोमारी के परिवार के राशन नहीं उठा पाने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने सरपंच ईस्पर मंडावी से संपर्क किया। इसके बाद राशन दुकान से चावल की व्यवस्था कराने में सहयोग किया गया और सोमारी के घर तक राशन पहुंचाया गया।
नाली नहीं होने से हर बारिश में बढ़ता है खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के दोनों ओर नाली नहीं होने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी नहीं हो पाती। इस बार लगातार मूसलाधार बारिश के चलते यही पानी घरों तक पहुंच गया।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण कराने तथा स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
प्रभावित परिवारों में त्रिनाथ पिता माड़ू, मालती पति अंतु, केशव पिता संपत, बिटलु पिता नड़गू, लक्ष्मण पिता बिटलू, बुटु पिता बिरसिंग, लयसिंह पिता बुटु, सोमनाथ पिता बिरसिंग, सुखराम पिता ललित, पदम पिता समंदू, शिवनाथ पिता लक्ष्मीनाथ, हेमकुमार पिता बुटुराम और तुलसी पिता समंदू शामिल हैं।
फिलहाल खैरगुड़ा में बारिश, जलभराव और बिजली संकट की तिहरी मार के बीच प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखना है। ग्रामीण तत्काल राहत, पेयजल और बिजली व्यवस्था के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।





