मितानिन समन्वयक को जातीय आधार पर किया गया अपमान — समीक्षा बैठक से निकालने, मानसिक प्रताड़ना और भेदभाव की शिकायत कलेक्टर से, न्याय की गुहार

 

कोरबा/पाली (गंगा प्रकाश)। मितानिन कार्यक्रम की आड़ में जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और अनियमितताओं के गंभीर आरोप एक बार फिर उजागर हुए हैं। पाली विकासखंड के मितानिन ब्लॉक समन्वयक राधेश्याम खांडेय ने जातिगत आधार पर अपमानित किए जाने और समीक्षा बैठक से जबरन बाहर निकाल दिए जाने की शिकायत जिला कलेक्टर से करते हुए न्याय की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सतनामी समाज से होने के चलते उन्हें लगातार भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।

“तुम सतनामी हो… बाहर निकलो!” — समीक्षा बैठक में खुलेआम अपमान

मितानिन समन्वयक राधेश्याम खांडेय ने बताया कि 25 जुलाई को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एमटी समीक्षा बैठक में वे अपने निर्धारित स्थान पर बैठे थे। तभी ब्लॉक समन्वयक विजय कश्यप, शिवनारायण राठौर और एमटी प्रेमलता पंथ, उमा यादव एवं गायत्री विश्वकर्मा उनके पास आए और सरेआम कहा, “चलो निकलो यहाँ से, ये संघ की बैठक है, तुम इसमें शामिल नहीं हो सकते… तुम सतनामी हो, तुम हमारा काम बिगाड़ने आये हो।” इसके बाद उन्हें बैठक कक्ष से बाहर निकाल दिया गया।

CG: स्वामी आत्मानंद स्कूल में गुणवत्ताहीन शिक्षा, पालकों की उम्मीदों पर फिरा पानी — क्या टूटेगा भरोसा? https://gangaprakash.com/cg-swami-atmanand-school-has-water-on-the-expectations-of-quality-education-parents-what-will-be-confident/

जातिगत भेदभाव और व्यक्तिगत दुश्मनी का आरोप

श्री खांडेय का कहना है कि सतनामी समाज से होने के कारण शुरुआत से ही उन्हें कई बार अनदेखी और भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि यह अपमान एक दिन का नहीं, बल्कि लम्बे समय से जारी मानसिक उत्पीड़न का परिणाम है। जब भी वे मितानिन कार्यक्रम में किसी प्रकार की अनियमितता का विरोध करते हैं — चाहे वह अवैध वसूली हो या मितानिनों को धमकाकर काम कराना — उन्हें जाति का हवाला देकर अपमानित किया जाता है।

रिश्वतखोरी और धमकी के आरोप भी सामने आए

श्री खांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले हरदीबाजार की मितानिन अनुसुइया राठौर ने सेवा में वापसी के लिए ब्लॉक समन्वयक विजय कश्यप, सुनीता कंवर और एमटी विमला कलिहारे पर रिश्वत मांगने और आर्थिक-मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उस मामले में भी उन्होंने सच्चाई का पक्ष लिया, जिससे वे “निशाने” पर आ गए।

उन्होंने बताया कि जब एक अन्य मितानिन को सीएमएचओ कार्यालय ले जाया गया था, तब उन्होंने साथ जाने से मना कर दिया। इस ‘अवज्ञा’ के बाद से ही उन्हें निरंतर अपमानित किया जा रहा है।

CG: धान की रोपाई-बियासी शुरू: खेतों में रफ्तार, पर मजदूर और खाद की भारी किल्लत से हलकान किसान https://gangaprakash.com/cg-paddy-transplanting-starts-in-the-fields-laborers-at-speed-in-the-fields-and-farmers-with-heavy-shortage-of-fertilizer/

कलेक्टर से की लिखित शिकायत, न्याय की उम्मीद

श्री खांडेय ने इस पूरे मामले की शिकायत कोरबा कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की है और प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने लिखा है कि अब यह उत्पीड़न बर्दाश्त के बाहर हो चुका है और यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च स्तर पर जाकर आंदोलन करने को भी बाध्य होंगे।

बड़ा सवाल: मितानिन जैसी जनसेवा आधारित योजना में जातिवाद की जड़ें कितनी गहरी?

मितानिन कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना जाता है। लेकिन जब उस व्यवस्था में ही जातिवादी सोच और भ्रष्टाचार हावी हो जाए, तो यह पूरे स्वास्थ्य ढांचे को हिला देने वाली बात है। श्री खांडेय के आरोप न केवल सामाजिक ताने-बाने को झकझोरते हैं, बल्कि यह सवाल भी उठाते हैं कि क्या मितानिनों की सेवा भावना को जाति और पैसे के दलदल में डुबोया जा रहा है?

प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग

यह खबर एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक संकट की ओर इशारा करती है। यदि राधेश्याम खांडेय जैसे पदस्थ अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो मितानिनों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा कौन करेगा?

अब निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर हैं — क्या मिलेगी राधेश्याम खांडेय को न्याय? या यह शिकायत भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दबी रह जाएगी?

 (यह एक संवेदनशील और सामाजिक मुद्दे पर आधारित विशेष रिपोर्ट है। पीड़ित पक्ष के बयान पर आधारित तथ्यों की प्रशासनिक पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है।)


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version