दुर्ग : भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव (Bhilai MLA Devendra Yadav’s Satyagraha ends) ने भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के फैसलों के खिलाफ कर्मचारियों और अधिकारियों के अधिकारों की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से चल रहे सत्याग्रह को आज समाप्त कर दिया। आज सत्याग्रह का पांचवां दिन था। बीते दिनों प्रबंधन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर विधायक ने साफ कहा था कि जब तक सेल प्रबंधन के डीआईसी से प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं होगी, तब तक सत्याग्रह समाप्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद आज डीआईसी से करीब दो घंटे तक चली बैठक और चर्चा के बाद सत्याग्रह समाप्त करने का फैसला लिया गया।
बैठक के दौरान सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण, मैत्री बाग के निजीकरण, स्कूलों के निजीकरण, रिटेंशन स्कीम और टाउनशिप लीज आवास जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि कुछ मांगों पर प्रबंधन की सहमति बनी है, जबकि कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल का निजीकरण नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों को इलाज की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी, वहीं मैत्री बाग को भी निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा।
विधायक देवेंद्र यादव ( MLA Devendra Yadav’) ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे भिलाई को बिकने नहीं देंगे और कर्मचारियों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो मांगें अभी लंबित हैं, उन्हें लेकर आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल यह देखना होगा कि इस सत्याग्रह और वार्ता का भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन पर कितना असर पड़ता है, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।
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