जसगीतों से सजा मां काली का दरबार, पटपर झांकी ने बांधा ऐसा समां कि छोटा पड़ गया गांधी मैदान
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गणेश उत्सव के अवसर पर शुक्रवार की रात गरियाबंद का गांधी मैदान उस वक्त आस्था और भक्ति के महासागर में बदल गया, जब छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध ‘दाई के दुलरवा जस झांकी पटपर’ मंडली ने अपनी भव्य प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोवर्धन पारा गणेश उत्सव समिति, वार्ड क्रमांक 06 द्वारा पहली बार आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जसगीतों की गूंज, मां काली और मां दुर्गा के अद्भुत स्वरूप तथा पौराणिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों ने देर रात तक पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
मंच पर एक के बाद एक बदलते देवी स्वरूपों ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही जसगीतों की ऐसी गूंज उठी कि गांधी मैदान में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। मंच पर मां काली के रौद्र एवं दिव्य स्वरूप से लेकर मां दुर्गा के विभिन्न रूपों और पौराणिक कथाओं पर आधारित झांकियों की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मंच पर जैसे-जैसे झांकी के दृश्य बदलते गए, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की उत्सुकता भी बढ़ती गई।
मां के अलग-अलग स्वरूपों की मनोहारी प्रस्तुति देखकर कई श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। पूरा मैदान माता के जयकारों से गूंजता रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोग देर रात तक कार्यक्रम देखने के लिए डटे रहे।

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही भर गया मैदान
पटपर झांकी को लेकर लोगों में पहले से ही जबरदस्त उत्सुकता थी। कार्यक्रम शुरू होने के काफी पहले से गांधी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। देखते ही देखते मैदान खचाखच भर गया। भीड़ का आलम यह रहा कि मैदान के आसपास के हिस्सों में भी लोग खड़े होकर झांकियों का आनंद लेते नजर आए।
महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे। कई श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन में जसगीत और झांकियों के वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल धार्मिक उत्साह से सराबोर रहा।
सोशल मीडिया पर पहले से बना था माहौल
पटपर झांकी के आयोजन को लेकर कार्यक्रम से पहले ही सोशल मीडिया पर काफी चर्चा थी। जसगीतों और झांकियों से जुड़े वीडियो तथा रील लोगों के बीच तेजी से प्रसारित हो रहे थे। यही वजह रही कि कार्यक्रम को लेकर शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
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कार्यक्रम संपन्न होने के बाद गांधी मैदान की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होते रहे। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा रही कि गरियाबंद में पहली बार इतने बड़े स्तर पर इस तरह की धार्मिक झांकी और जसगीतों की प्रस्तुति देखने को मिली।

‘ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा’
कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि मां के स्वरूपों और पौराणिक प्रसंगों की प्रस्तुति ने मन मोह लिया। हजारों लोगों की मौजूदगी और लगातार गूंजते माता के जयकारों के बीच ऐसा वातावरण बना कि गांधी मैदान किसी बड़े धार्मिक स्थल जैसा नजर आने लगा। लोगों का कहना था कि गरियाबंद में इस स्तर का धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।
छगन यादव बोले—यह सिर्फ आयोजन नहीं, मां की भक्ति का पर्व है
गोवर्धन पारा गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक 06 के पार्षद छगन यादव ने आयोजन की सफलता पर श्रद्धालुओं, समिति के सदस्यों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं का कार्यक्रम में पहुंचना मां के प्रति लोगों की अटूट आस्था का प्रमाण है।
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उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता के पीछे गरियाबंद की जनता और श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा योगदान रहा। समिति की पूरी टीम ने करीब दो महीने से आयोजन की तैयारियों में जुटकर दिन-रात मेहनत की, जिसके परिणामस्वरूप इतना भव्य कार्यक्रम संभव हो सका।
छगन यादव ने पुलिस प्रशासन का भी विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हजारों लोगों की भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था संभालना बड़ी जिम्मेदारी थी। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मां की भक्ति और आस्था का पर्व है। ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मां स्वयं अपने भक्तों के बीच आकर उन्हें आशीर्वाद दे रही हों। गांधी मैदान में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस आस्था को साकार कर दिया।

जसगीत, छत्तीसगढ़ी संस्कृति और पौराणिक झांकियों के संगम ने शुक्रवार की रात को गरियाबंद के लिए यादगार बना दिया। देर रात तक माता के जयकारों से गांधी मैदान और आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा।




